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झाबुआ । जिले की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री विश्वमंगल हनुमान धाम तारखेड़ी को इस वर्ष के शासकीय एवं धार्मिक कैलेंडर में विशेष स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि समस्त क्षेत्रवासियों के लिए गौरव का विषय है। कैलेंडर में स्थान मिलने से तारखेड़ी के इस प्रसिद्ध सिद्ध धाम का प्रचार-प्रसार देशभर में होने के साथ ही मध्यप्रदेश पर्यटन के मानचित्र पर भी इसे नई पहचान मिलने की उम्मीद है। तारखेड़ी स्थित श्री विश्वमंगल हनुमान धाम के प्रकट होने की कथा भी श्रद्धा और आस्था से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि 8 मई 1957 को स्वामी श्री रामप्रपन्न जी महाराज को हनुमान जी ने स्वप्न में दर्शन देकर इस स्थान का संकेत दिया था। इसके बाद खुदाई के दौरान पवित्र हनुमान प्रतिमा प्रकट हुई। 12 मई 1957 को विधि-विधान के साथ प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई और इस स्थान का नाम श्री विश्वमंगल हनुमान धाम रखा गया। धाम में वर्ष 1971 से अखंड ज्योति लगातार प्रज्ज्वलित है, जो यहां की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। धाम में घोटा (गदा) घुमाकर आशीर्वाद देने की परंपरा विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा पांच मंगलवार की मन्नत लेने की भी परंपरा है। मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु पुनः धाम पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। शासकीय कैलेंडर में इस पावन धाम को स्थान मिलने से श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है। माना जा रहा है कि इससे तारखेड़ी स्थित श्री विश्वमंगल हनुमान धाम की धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी पहचान को प्रदेश और देश स्तर पर और मजबूती मिलेगी। |