रतलाम / सैलाना। स्वामित्व योजना के तहत पटवारियों को निष्पादक की जिम्मेदारी सौंपे जाने और योजना में रजिस्ट्री कार्य नहीं करने पर जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के विरोध में सोमवार को सैलाना में पटवारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सैलाना, बाजना और रावटी तहसील के पटवारियों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी सैलाना के नाम सैलाना एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार मनीष जैन को ज्ञापन सौंपा।
पटवारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि स्वामित्व योजना के निष्पादन कार्य को लेकर किसी भी पटवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक, दंडात्मक या निलंबन की कार्रवाई की गई तो जिले के सभी पटवारी चरणबद्ध आंदोलन के बाद समस्त शासकीय कार्य का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।
योजना का विरोध नहीं, निष्पादक की भूमिका पर आपत्ति
मध्यप्रदेश पटवारी संघ का कहना है कि पटवारी स्वामित्व योजना के खिलाफ नहीं हैं। विरोध का मुख्य मुद्दा पटवारियों को योजना में “निष्पादक” बनाए जाने को लेकर है। संघ का तर्क है कि जब तक पटवारियों की कानूनी भूमिका, दायित्व, अधिकार और विधिक सुरक्षा स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक उन्हें निष्पादन कार्य में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
संघ के अनुसार इस संबंध में शासन स्तर पर भी विधिक, तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया जा चुका है। 24 सितंबर को भोपाल स्थित मंत्रालय वल्लभ भवन में हुई बैठक में भी संघ ने अपनी आपत्तियां रखीं, लेकिन संघ के अनुसार मूल समस्याओं का समुचित समाधान नहीं किया गया।
नोटिस जारी करने से बढ़ा विवाद
पटवारी संघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पूर्व में संघ द्वारा स्वामित्व योजना के कार्य से विरत रहने की सूचना प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद 1 अक्टूबर को परीक्षाधीन तथा 2 और 3 अक्टूबर को कुछ पटवारियों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए और स्वामित्व योजना का कार्य करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
संघ ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी पटवारी पर कार्रवाई की गई तो जिलेभर के पटवारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आंदोलन की स्थिति में प्रशासन इसकी जिम्मेदारी स्वयं वहन करेगा।
कार्रवाई हुई तो उसी दिन कलमबंद हड़ताल
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि किसी भी पटवारी पर दंडात्मक या निलंबन की कार्रवाई होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन के साथ उसी दिन कलमबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ की ओर से शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से लेफ्ट होने और विभागीय ऐप से लॉग-आउट करने जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई है।
1.16 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य, अब तक एक भी नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू की गई स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र में बने मकानों का मालिकाना हक दिलाने के लिए निःशुल्क रजिस्ट्री की जानी है। संघ के अनुसार रतलाम जिले में लगभग 1.16 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य है। लेकिन पटवारियों और निष्पादक की भूमिका को लेकर चल रहे विवाद के कारण अभी तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
सैलाना में कौन-कौन रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान अनुभाग अध्यक्ष सैलाना अशोक योगी, सैलाना तहसील अध्यक्ष भूपेंद्र चावड़ा, रावटी तहसील अध्यक्ष गौरव बोरिया, बाजना तहसील अध्यक्ष संजय मौर्य सहित सैलाना अनुभाग के बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे।
जिला स्तर पर मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल रावत के नेतृत्व में संघ इस मुद्दे पर प्रशासन के सामने अपना पक्ष रख रहा है। ज्ञापन पर जिला अध्यक्ष गोपाल रावत सहित सैलाना, रावटी और बाजना तहसील अध्यक्षों के हस्ताक्षर हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन पटवारियों की आपत्तियों और कारण बताओ नोटिस के विवाद को किस तरह सुलझाता है, क्योंकि मामला आगे बढ़ा तो स्वामित्व योजना के तहत जिले में होने वाली हजारों रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया सीधे प्रभावित होने की आशंका है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत