रतलाम। डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में गणेश उत्सव के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। बजरंग दल के पदाधिकारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई को विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने एकतरफा और तथ्यहीन बताते हुए इसका विरोध किया है। संगठन ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई निरस्त करने तथा दोषी महाविद्यालय प्रशासन एवं जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि गणेश उत्सव के अंतर्गत महाविद्यालय में गरबा आयोजित होने और उसमें अन्य समुदाय के विद्यार्थियों के शामिल होने की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के सीमित संख्या में कार्यकर्ता वास्तविक स्थिति जानने और धार्मिक आयोजन को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना देकर महाविद्यालय पहुंचकर पुलिस की मौजूदगी में प्राचार्य से बातचीत की और अपनी बात रखी।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने आरोप लगाया कि घटनाक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने न तो नारेबाजी की, न तोड़फोड़ की और न ही किसी विद्यार्थी, प्राध्यापक या कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि मौके पर किसी प्रकार की अभद्रता या अनुचित व्यवहार हुआ था तो तत्काल पुलिस अधिकारियों को इसकी शिकायत क्यों नहीं की गई।
ज्ञापन में पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। संगठन ने मांग की कि घटना के उपलब्ध वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों तथा समाचार प्रतिनिधियों के कथनों की जांच की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि महाविद्यालय में अध्ययन के समय गरबा आयोजन के लिए प्राचार्य द्वारा विश्वविद्यालय से अनुमति ली गई थी या नहीं और क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से पहले इन तथ्यों की जांच की थी।
संगठन ने आरोप लगाया कि बिना सीसीटीवी फुटेज देखे और घटनास्थल पर मौजूद पुलिस एवं मीडिया से तथ्य जुटाए बिना एक पक्षीय कार्रवाई की गई। ज्ञापन में बजरंग दल पदाधिकारियों के खिलाफ पूर्व में हुई कथित पुलिस कार्रवाइयों का भी उल्लेख करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विभागीय जांच की मांग की गई।
ज्ञापन में बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुनील राठौर, जिला गौरक्षा प्रमुख गनी शक्तावत, ऋषभ सुराना सहित अन्य के खिलाफ दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की गई। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन के दौरान विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के विभाग, जिला, प्रखंड एवं खंड स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। जानकारी सह प्रचार-प्रसार प्रमुख रिकी सेन द्वारा दी गई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत