झाबुआ/ पेटलावद। गांवों के समग्र एवं सहभागी विकास को लेकर वाग्धारा संस्था द्वारा गठित ‘ग्राम स्वराज समूह’ के नेतृत्व में समुदाय के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने अपने गांव की प्राथमिक जरूरतों और समस्याओं को सामने रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, कृषि, महिला आजीविका, रोजगार तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। सामुदायिक प्राथमिकताओं के आधार पर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार की गई।
2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान समुदाय द्वारा चिन्हित विकास संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों को ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तैयार की गई GPDP को विस्तार से ग्राम सभा में रखा गया तथा जमा किया गया, ताकि ग्रामीणों की प्राथमिक आवश्यकताओं को ग्राम पंचायत की आधिकारिक विकास योजना में शामिल किया जा सके।
बैठक में महिला आजीविका और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही जल संरक्षण, जल स्रोतों एवं तालाबों का विकास, वन अधिकार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं।
शिक्षा एवं बाल कल्याण के तहत बाल श्रम की रोकथाम तथा स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कृषि को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ पात्र परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से समयबद्ध रूप से जोड़ने की जरूरत भी ग्राम सभा में रखी गई।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने स्वच्छता एवं नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ भी ली। ग्राम सभा में स्थानीय समस्याओं की पहचान से लेकर विकास की प्राथमिकताएं तय करने और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने तक समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
इस पूरी पहल को सफल बनाने में वाग्धारा संस्था के ब्लॉक सहजकर्ता मुकेश पोरवाल, सामुदायिक सहजकर्ता गणेश पारगी, अंगूर बाला सिंगाड, श्यामा निनामा, प्रेमलता गामड़, सपना देवदा और सोनू चारेल का सक्रिय सहयोग रहा। इस पहल से ग्रामीणों में सामूहिक निर्णय लेने, जनभागीदारी बढ़ाने और अपने गांव के विकास की कार्ययोजना स्वयं तैयार करने की क्षमता को नया बल मिला।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत