रतलाम / बाजना। जनजातीय कार्य विभाग रतलाम की सहायक आयुक्त श्रीमती प्रियंका राय के निर्देशन में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत संकुल प्राचार्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, बाजना में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित जीवन कौशल सत्रों को अधिक प्रभावी बनाने, उनकी नियमित निगरानी तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ संकुल प्राचार्यों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना रहा।
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त श्रीमती प्रियंका राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने संकुल प्राचार्यों के साथ सक्षम कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला में जिले के विशिष्ट विद्यालयों के प्राचार्य एवं संकुल प्राचार्यों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के उद्देश्यों, आगामी गतिविधियों, जीवन कौशल सत्रों की संरचना, संचालन प्रक्रिया तथा विद्यालय स्तर पर उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रवि प्रताप सिंह तोमर ने कार्यक्रम की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए संकुल प्राचार्यों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में संकुल स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित करने, विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा करने तथा SQMF (Session Quality Mentoring Form) के माध्यम से जीवन कौशल सत्रों के अवलोकन एवं गुणवत्ता मूल्यांकन की प्रक्रिया का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। विद्यालयों में समान अवसर, समान सहभागिता और जेंडर-संवेदनशील वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्राचार्यों को सत्रों की नियमित निगरानी करते हुए उनकी गुणवत्ता बनाए रखने और कार्यक्रम के सुचारु संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर सुश्री लीना राठौर एवं डॉ. अंजुम खान की सक्रिय सहभागिता रही। मास्टर ट्रेनर सुश्री लीना राठौर ने सक्षम जीवन कौशल का सत्र-11 आयोजित कर प्रतिभागियों को सत्र की संरचना, प्रमुख घटकों एवं संचालन प्रक्रिया से परिचित कराया। इस दौरान संकुल प्राचार्यों ने प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की।
एक दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से संकुल प्राचार्यों की जीवन कौशल सत्रों के प्रभावी संचालन, गुणवत्ता निगरानी, विद्यालयवार समीक्षा एवं कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन संबंधी समझ और क्षमता को मजबूत किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विकासखंड प्रबंधक श्री योगेंद्र सिंह उमठ ने मुख्य अतिथि, मास्टर ट्रेनर्स, सभी प्राचार्यों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत