रतलाम। थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों के लिए उज्जैन में आयोजित वार्षिक बैठक नई उम्मीद और ऊर्जा का संदेश लेकर आई। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में शनिवार को थैलेसीमिया जन जागरण समिति मध्य प्रदेश की वार्षिक बैठक एवं HLA कैंप आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे थैलेसीमिया परिवारों, बच्चों और समिति पदाधिकारियों ने बीमारी से जुड़ी चुनौतियों, उपचार, जागरूकता और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में रतलाम से प्रदेश मार्गदर्शक गोविंद काकानी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं थैलेसीमिया योद्धा सुश्री वर्षा पवार तथा जिला अध्यक्ष सुमित मोड ने सहभागिता की। उनके सुझाव एवं मार्गदर्शन को थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि परिवारों को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए उन्हें आवश्यक जानकारी, परामर्श, आपसी सहयोग और जागरूकता का मजबूत मंच उपलब्ध कराया जाए।
समिति के संरक्षक सत्येंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आयोजन में 100 से अधिक बच्चे एवं थैलेसीमिया परिवारों के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, संवाद और सामूहिक प्रयासों से समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। संगठन की एकजुटता को मजबूत करते हुए बच्चों के बेहतर और स्वस्थ भविष्य के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
वहीं समिति के प्रदेश अध्यक्ष पंडित विकास शुक्ला ने सदस्यों से संगठन को और मजबूत बनाने तथा थैलेसीमिया परिवारों के हित में नई कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बैठक में रतलाम के प्रदेश मार्गदर्शक गोविंद काकानी ने थैलेसीमिया परिवारों की जरूरतों और स्थानीय स्तर पर जागरूकता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही रतलाम में विशेष कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव को समिति के सदस्यों ने सहर्ष स्वीकार किया। प्रस्तावित कार्यशाला को रतलाम एवं आसपास के थैलेसीमिया परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रदेश समिति के वरिष्ठ सदस्य अजय घोष, प्रकाश रोचलानी, निर्मल सतवानी, सुनील भावसार, अश्विन खत्री एवं डॉ. हिमांशु यजुर्वेदी सहित नीमच, मंदसौर, दमोह, सेंधवा, इंदौर, सागर, खंडवा, भोपाल और जबलपुर आदि जिलों के जिला अध्यक्षों की गरिमामय उपस्थिति रही। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उज्जैन के विनीत मेहंदीरता एवं उनकी पूरी टीम का उपस्थित थैलेसीमिया परिवारों एवं समिति सदस्यों ने करतल ध्वनि के साथ धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
बैठक का संदेश स्पष्ट रहा कि थैलेसीमिया के खिलाफ लड़ाई केवल उपचार की नहीं, बल्कि जागरूकता, सहयोग, संगठन और सामाजिक जिम्मेदारी की भी है। रतलाम में प्रस्तावित विशेष कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत