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शासकीय भूमि से 1279 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नीमच : कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा जिले में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खननकर्ता पर 19,18,500/- रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। प्रकरण का विवरण: खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन एवं मौका पंचनामा के अनुसार ग्राम मोरवन डेम के पास शासकीय भूमि सर्वे नंबर 977/2, 974/2 व 977/1/1 पर पत्थर का अवैध उत्खनन होना पाया गया। ग्राम मोरवन स्थित भूमि सर्वे नंबर 977/4 में निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसकी बाउण्ड्री वाल का निर्माण एक निर्माण एजेंसी द्वारा पेटी कान्ट्रेक्ट पर किया जा रहा है। मौके पर जांच में पाया गया कि मोरवन डेम के पास से उत्खनित पत्थर बाउण्ड्री वाल निर्माण हेतु विक्रय करना पाया गया। उपयोग की गई मात्रा: बाउण्ड्री वाल निर्माण में उपयोग किए गए खनिज की कुल मात्रा 2065 घनमीटर थी, जिसमें रेत एवं सीमेंट (मोर्टार) की मात्रा 786 घनमीटर होना पाई गई। इस प्रकार 1279 घनमीटर पत्थर का उपयोग बिना रायल्टी के अवैध रूप से किया गया है। अधिरोपित शास्ति: मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 अध्याय पांच नियम 18(2) के तहत निम्नानुसार शास्ति अधिरोपित की गई:- खनिज रायल्टी का 15 गुना अर्थशास्ति राशि: 9,59,250/- रु.- पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि: 9,59,250/- रु.- कुल शास्ति राशि: 19,18,500/- रु.जुर्माना। खनिज अधिकारी को निर्देशित किया है, कि अधिरोपित जुर्माने की राशि 19,18,500/- रु. चालान से 15 दिवस के अन्दर शासकीय कोष में जमा होने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। अनावेदक द्वारा जुर्माना राशि निश्चित समयावधि में जमा नहीं कराने पर उसके विरुद्ध भू-राजस्व संहिता में निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही कर भू-राजस्व के समान वसूली की जावेगी। कलेक्टर श्री चंद्रा ने स्पष्ट किया, कि शासकीय भूमि से अवैध उत्खनन गंभीर अपराध है।जिले में अवैध खनन के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। |