रतलाम / बरखेड़ा कला। युवती के अचानक लापता होने और उसे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बंधक बनाकर रखने की आशंका से जुड़े मामले में बरखेड़ा कला पुलिस ने 12 दिन तक लगातार सुराग तलाशते हुए आखिरकार दिल्ली तक पहुंच बनाई और दो 20 वर्षीय युवतियों को दस्तयाब कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस टीम की सतर्कता और लगातार की गई तलाश की सराहना हो रही है।
मामला 11 अगस्त 2026 का है। ग्राम बरखेड़ाकलां निवासी संजय पिता शिवनारायण मेहता, उम्र 53 वर्ष ने थाना बरखेड़ा कला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 20 वर्षीय बेटी शीतल पिता संजय मेहता को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किसी गुप्त स्थान पर छिपाकर बंदी बनाकर रखा गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 146/2026, धारा 140(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी पल्लवी गौर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे ने विशेष टीम गठित की। टीम ने संभावित स्थानों के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों से भी लगातार सुराग जुटाए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस टीम की तलाश दिल्ली तक जा पहुंची।
23 अगस्त को पुलिस ने दिल्ली से शीतल को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इसी कार्रवाई के दौरान थाना सीतामऊ, जिला मंदसौर के गुम इंसान क्रमांक 76/2026 में गुमशुदा दिशा पिता राजेन्द्र विश्वकर्मा, उम्र 20 वर्ष को भी दिल्ली से दस्तयाब किया गया। एक ही स्थान से दो युवतियों के मिलने से पुलिस की कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे, सउनि आर.सी. भम्भोरिया, सउनि विष्णु वास्कले थाना सीतामऊ, प्रआर गजेन्द्र सिंह, आरक्षक प्रितम लोहार थाना ताल, आरक्षक अरविन्द विश्वकर्मा, चालक आरक्षक शकील, आरक्षक ओमप्रकाश गुर्जर, आरक्षक अजय चौधरी, आरक्षक ईश्वर धाकड़, महिला आरक्षक प्रिया ठाकुर, महिला आरक्षक शारदा लोहार तथा साइबर सेल के आरक्षक विपुल एवं मयंक का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बरखेड़ा कला पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि गुमशुदगी और अपहरण जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस लगातार सुरागों पर काम करते हुए दूर-दराज तक पहुंच सकती है। अब पुलिस दोनों युवतियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत