रतलाम / सैलाना। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने समस्त मध्यप्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के निवासियों से एकजुट होकर अलग भील प्रदेश राज्य के गठन के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
विधायक डोडियार ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस केवल एक राज्य के गठन का उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों, पहचान, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संकल्प लेने का भी दिन है। हमें इस अवसर पर यह प्रण लेना चाहिए कि भील आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों को मजबूती प्रदान करने के लिए जल्द से जल्द भील प्रदेश राज्य के गठन की लोकतांत्रिक मांग को बुलंद करेंगे।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में फैले भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की भाषा, संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों के आदिवासी समुदायों को आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, सड़क, पेयजल और प्रशासनिक न्याय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अलग भील प्रदेश राज्य का उद्देश्य केवल भौगोलिक सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं, बल्कि आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के लिए सुरक्षा, समान अवसर, विकास और संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करना होना चाहिए।
विधायक डोडियार ने कहा कि भील प्रदेश की मांग किसी समाज या वर्ग के विरोध में नहीं है, बल्कि यह अपने क्षेत्र की पहचान, स्वाभिमान, लोकतांत्रिक भागीदारी और समावेशी विकास के लिए उठाई जा रही आवाज है। इस मांग को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष न करना पड़े।
इसी क्रम में विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित अपने विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से भी भील प्रदेश राज्य के गठन के लिए व्यापक जनआह्वान किया है। उन्होंने चारों राज्यों के भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के युवाओं, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से इस विचार को गांव-गांव, ढाणी-ढाणी और जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
अंत में विधायक डोडियार ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर आइए, हम एक ऐसा भविष्य बनाने का संकल्प लें, जहां आदिवासी समाज को अपनी पहचान, संस्कृति, जमीन, जल, जंगल और संवैधानिक अधिकारों के लिए उपेक्षा का सामना न करना पड़े। भील प्रदेश केवल एक राज्य की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का संकल्प है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत