रतलाम / पिपलोदा । मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ रतलाम पुलिस ने एक बार फिर दूसरे राज्य तक पहुंचकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। थाना पिपलोदा अंतर्गत पुलिस चौकी सुखेड़ा की विशेष टीम ने राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में देर रात दबिश देकर NDPS एक्ट के प्रकरण में करीब एक साल से फरार चल रहे दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भापुसे) के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय और परिवहन पर अंकुश लगाने के साथ ही NDPS एक्ट के मामलों में फरार एवं इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार एवं एसडीओपी जावरा श्री संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिपलोदा निरीक्षक रणजीतसिंह सिंगार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
इस टीम की कमान चौकी प्रभारी सुखेड़ा उप निरीक्षक राजू मखोड को सौंपी गई। टीम ने तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में थाना कोटड़ी और थाना कोतवाली क्षेत्र में देर रात दबिश दी। पुलिस की इस सुनियोजित कार्रवाई में NDPS एक्ट के मामले में एक साल से फरार चल रहे दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दीपक मीणा पिता भैरूलाल मीणा उम्र 30 वर्ष निवासी अमलीखेड़ा थाना कोतवाली प्रतापगढ़ जिला राजस्थान तथा एक विधि विरुद्ध बालक शामिल है। दोनों के विरुद्ध NDPS एक्ट के प्रकरण में स्थाई वारंट जारी थे और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे।
सात सदस्यीय टीम की रही अहम भूमिका रही राजस्थान में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की इस कार्रवाई में निरीक्षक रणजीतसिंह सिंगार, उप निरीक्षक राजू मखोड, प्रधान आरक्षक अशोक पाण्डे, आरक्षक विजयपाल सिंह, आरक्षक रोहताश जाट, आरक्षक त्रिलोक सिंह एवं सैनिक बापुसिंह की सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि NDPS एक्ट के मामलों में फरारी काट रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों में भी दबिश देकर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए सक्रिय है। पुलिस का यह अभियान मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और फरार आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत