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चीताखेडा । माता दुर्गा की भक्ति के पर्व पर पूरा अंचल उल्लास से भरा हुआ है। सूर्योदय से भी पूर्व मंदिरों में दर्शनों के लिए जाते भक्त, तो वहीं शाम ढलते ही देर रात तक गरबा पंडालों में नृत्य आराधना करती आराधिकाएं और उनके परिजन सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। सुबह से देर रात तक माता रानी के मंदिरों में अभिषेक,हवन ,पूजन ,आरती के साथ अखंड पाठ रात्रि जागरण और तप का दौर भी चल रहा है जो अंतिम चरण में कल दिवस 19 अक्टूबर सोमवार नवमी को थम जाएगी डांडियों की खनक। नौ दिवसीय गरबा उत्सव पूर्णाहुति अंतिम दिवस सोमवार को रात्रि 11:30 बजे हवन पूजन किया जाएगा। घरों से लेकर पंडालों तक बिखरी श्रद्धा और उत्साह के साथ नवरात्रि के आठवें दिन रविवार को भी भक्ति का रंग पूरी तरह चरम पर है। चीताखेड़ा बस स्टैंड के पास ह्रदय स्थल करा बाबजी चौक परिसर में इस बार 32 वें वर्ष में गरबा उत्सव समिति नवरात्र महोत्सव में मां शक्ति की आराधना में लीन होकर गुजराती, राजस्थानी ,फिल्म गरबा की तर्ज पर देर रात्रि तक आराधिकाओं द्वारा गांव में रंग-बिरंगी पोशाकों में एक से बढ़कर एक भक्ति गरबा गीतों पर थिरकते हुए माता शक्ति के नवरात्र पर्व पर आराधना की जा रही है। गरबा उत्सव के वरिष्ठ आशीष बसेर, शेलेंद्र सगरावत, बंटी बसेर, यतिंद्र बसेर, और नागेश्वर जावरिया,भगत मांगरिया, तुषार सगरावत द्वारा गरबा महोत्सव आयोजन की व्यवस्था सराहनीय कार्य किया जा रहा है, इनके अनुसार इस बार बड़े उत्साह से हुए गरबा आयोजन में नृत्य को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। वहीं नवरात्रि के आठवें दिन रविवार को पंडाल में देर रात तक छोटे-छोटे बच्चे युवक-युवतियां पूरे उत्साह व जोश के साथ कदम से कदम मिलाकर झूमते हुए माता की भक्ति में लिन नजर आए। ज्यों-ज्यों गरबा परवान चढ़ रहा है त्यों-त्यों माता बहनों का उत्साह भी दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। परिसर में की गई चकाचौंध रंग -बिरंगी रोशनी सजावट के मध्य चटकीले पारंपरिक परिधानों में सज धजकर नृत्य करती आराधिकाएं नवदुर्गा को प्रसन्न करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। इसी के साथ चीताखेड़ा की राजीव कालोनी, बजरंग मंदिर भटवाड़ा में गरबा उत्सव का आयोजन शानदार ढंग से किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीण जन बढ़-चढ़कर गरबा नृत्य में सहभागी बन रहे हैं। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |