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चीताखेड़ा । जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूरी एवं चीताखेड़ा से 5 किलोमीटर दूर रामनगर की मनोहारी झील में स्थित पहाड़ियों व विशाल वृक्षों के बीच अतिप्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर रियासत का ऐतिहासिक पुरातात्विक विभाग की एक अनमोल धरोहर है। पुराने समय ग्वालियर स्टेट कराड़िया महाराज के अधिकार क्षेत्र में आती थी। स्वतंत्रता के बाद और रियासतों के विलय के बाद इस ऐतिहासिक मंदिर के प्रबंधन और अधिकारों को स्थानीय व्यवस्था व कराड़िया महाराज के सानिध्य में सौंपा गया। प्राकृतिक नदी के तट पर और पहाड़ियों से गिरे इस ऐतिहासिक स्थल पर प्राचीन कला और गहरी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यहां गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है वहीं शिवलिंग एवं शिव परिवार स्थापित है। जो कि बड़ा ही चमत्कारी है।जो भी श्रद्धालु मनोकामनाएं लेकर आते हैं उनकी तत्क्षण अविलम्ब उनके मनोवांछित मुरादे पूरी हो जाती है। श्रद्धालुओं ने बताया है कि जब से यहां मंदिर विकास समिति का गठन हुआ है तब से मंदिर पर विकास की काया ही बदल गई है। निरंतर जागरूक श्रद्धालु जनसहयोग लेकर विकास कार्य में लगे हुए हैं। यहां शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भूतेश्वर महादेव के दिव्य दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। पूरे श्रावण मास में विशेष रूप से भीड़ लगी रहती है। महाशिवरात्रि को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। *इस साल के आखरी और चौथे सावन सोमवार को कल 24 अगस्त सोमवार को उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब*- भूतेश्वर महादेव मंदिर पर पूरे सावन माह श्रद्धालुओं की भीड़ दिव्य दर्शन हेतु उमड़ती है। यहां जलाभिषेक, दूग्धाभिषेक सहित शिव भक्त पूजा अर्चना करते हैं।इस वर्ष के सावन माह के आखरी और चौथे सावन सोमवार कल 24 अगस्त को विशेष रूप से पर भूतेश्वर महादेव की विशेष पूजा अर्चना के साथ अभिषेक किया जाएगा। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |