रतलाम। धर्म और आस्था की नगरी रतलाम में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। त्रिवेणी मानस भवन में चातुर्मास गो आराधना महोत्सव के अंतर्गत परम पूज्य गो क्रान्तिकारी संत श्री गो शरणानंद सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित शिव महापुराण कथा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का केंद्र बनी हुई है। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण कर रहे हैं।
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिव महापुराण कथा स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना भी देखने को मिली। संत श्री गो शरणानंद सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और अखंडता का संदेश दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को राष्ट्रध्वज प्रदान किए गए।
देशभक्ति गीतों की मधुर धुनों के बीच जब श्रद्धालुओं ने हाथों में तिरंगा थामा तो पूरा त्रिवेणी मानस भवन राष्ट्रभक्ति के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने तिरंगा लहराते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरव के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। भक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का यह दृश्य कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण संत श्री के सान्निध्य में आयोजित दिव्य दरबार रहा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी समस्याएं, परेशानियां और मनोकामनाएं संत श्री के समक्ष रखीं। दिव्य दरबार के दौरान कई श्रद्धालुओं की अर्जियां स्वीकार की गईं। अर्जियां स्वीकार होने के बाद श्रद्धालुओं में विशेष श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
शिव महापुराण कथा में भगवान शिव की महिमा, धर्म और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के पश्चात श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन स्थल पर पूरे समय भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया। चातुर्मास गो आराधना महोत्सव के अंतर्गत चल रही शिव महापुराण कथा को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना हुआ है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत