रतलाम। जिले के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों की जमीनी समस्याओं के समाधान को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जिला शिक्षा समिति चेयरमैन केशू निनामा ने बुधवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने कलेक्टर को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जिले में शिक्षा का स्तर और बेहतर करने को लेकर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान निनामा ने विशेष रूप से आदिवासी अंचलों में संचालित स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूल भवन बेहद जर्जर हो चुके हैं और कुछ भवन गिरने की कगार पर हैं। ऐसे भवनों में बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि जर्जर भवनों का तत्काल निरीक्षण कर डिस्मेंटल की कार्रवाई की जाए और नए स्कूल भवनों की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
निनामा ने बारिश के दौरान स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़कों की समस्या भी कलेक्टर के सामने रखी। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्ते बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं। इससे शिक्षक और बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने ऐसे मार्गों पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मोरमीकरण एवं ग्रेवल सड़क निर्माण कराने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने उन स्कूलों का मुद्दा भी उठाया जहां बारिश के समय ब्रिज और पुलिया के अभाव में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। निनामा ने कहा कि बच्चों की शिक्षा बारिश के कारण प्रभावित न हो इसके लिए चिन्हित स्थानों पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति तत्काल दी जानी चाहिए।
केशू निनामा ने कहा कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कलेक्टर के समक्ष शिक्षा से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी रखे और समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। कलेक्टर ने भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत