रतलाम। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर रतलाम के वरिष्ठ समाजसेवी श्री अशोक पिता गेंदालाल खाबिया ने ऐसा प्रेरणादायी निर्णय लिया है जो समाज में मानवता सेवा और संवेदनशीलता का सशक्त संदेश देगा। उन्होंने जीवन के बाद भी मानव सेवा को सर्वोच्च मानते हुए देहदान का संकल्प लिया। यह संकल्प केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने वाला अनुकरणीय कदम माना जा रहा है।
श्री अशोक खाबिया के निवास पर काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ने परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति में विधिवत देहदान संकल्प पत्र भरवाया। इस अवसर पर उनके सुपुत्र पराग खाबिया, पुत्रवधू श्रीमती अनुराधा पराग खाबिया तथा पोतियाँ लब्धी खाबिया एवं दिति खाबिया उपस्थित रहीं। यह देहदान संकल्प पत्र 1 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम की डीन डॉ. अनीता मूथा को औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा।
गोविंद काकानी ने बताया कि श्री अशोक खाबिया लंबे समय से समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। वे महावीर इंटरनेशनल, ग्रीन एंड क्लीन रतलाम सहित अनेक प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहकर शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सेवा कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देते रहे हैं।
उनका यह देहदान संकल्प समाज में मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करेगा तथा अधिक से अधिक लोगों को अंगदान और देहदान जैसे महादान के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि श्री खाबिया का प्रकृति प्रेम भी अनुकरणीय है। उनके निवास परिसर में विकसित हरियाली और सैकड़ों पौधों की देखभाल पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा अब देहदान का संकल्प लेकर सेवा की इस परंपरा को जीवन के बाद भी आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।
इस प्रेरणादायी अवसर पर प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निलेश वाधवानी एवं डॉ. सुनीता वाधवानी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्री अशोक खाबिया के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऐसे महादान से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की गहन जानकारी प्राप्त होती है जिससे भविष्य में बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
समाज के विभिन्न वर्गों ने श्री अशोक खाबिया के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उनका यह संकल्प निश्चित रूप से समाज में मृत्यु के बाद भी जीवन देने की महान भावना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत