बाजना (रतलाम)। अंबे चौक में सड़क पर हो रहे अतिक्रमण और उससे उत्पन्न हो रहे यातायात संकट को लेकर प्रकाशित खबर के बाद आखिरकार पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया। 29 जून 2026 को ग्राम पंचायत सचिव विक्रम खराड़ी एवं सहायक सचिव ऋषि जोशी अपने अमले के साथ अंबे चौक पहुंचे और सड़क पर अवैध रूप से दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को मौके पर ही मौखिक रूप से दुकानें पीछे हटाने की समझाइश दी।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बहस करते हुए विरोध जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ दबंगों ने यह कहते हुए कार्रवाई का विरोध किया कि वे वर्षों से सड़क पर ही दुकानें लगाते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंबे चौक के बड़े हिस्से पर कुछ लोगों ने दबंगई के बल पर कब्जा जमा रखा है, जिससे अन्य व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाट बाजार के दिन आसपास के गांवों से आने वाले गरीब और छोटे व्यापारी भी यहां दुकान लगाने पहुंचते हैं, लेकिन कथित दबंगों के विवाद और धमकाने के कारण उन्हें बिना व्यापार किए ही वापस लौटना पड़ता है। इससे छोटे व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।
इधर बाजना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार दण्डोतिया ने भी सड़क पर दुकान लगाने वालों को पीछे हटकर दुकान लगाने की समझाइश दी है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
सबसे गंभीर स्थिति अंबे चौक स्थित पुलिया पर बताई जा रही है, जहां से रतलाम, बांसवाड़ा, जावरा, मंदसौर, नीमच, इंदौर और गुजरात की ओर जाने वाली बसों तथा भारी वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। इसके बावजूद पुलिया पर ही सब्जी विक्रेताओं को बैठाए जाने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार पंचायत प्रशासन की प्रारंभिक चेतावनी के बाद अब जिला प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है। यदि अतिक्रमणकारियों ने स्वेच्छा से सड़क खाली नहीं की तो आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा सकता है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस बार कार्रवाई केवल समझाइश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अंबे चौक को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत