|
|
20 साल की विधायकी के बाद भी सड़क, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे ग्रामीण नयागांव बॉर्डर पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के भी लगाए गंभीर आरोप नीमच। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहनसिंह “मन्नू बना” ने जावद विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीते लगभग दो दशकों से जावद विधानसभा क्षेत्र की जनता उन्हें लगातार विधायक चुनकर विधानसभा भेज रही है, लेकिन विकास के नाम पर किए जा रहे उनके दावे अब धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को ग्राम बांगरेड़ में सामने आया घटनाक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि क्षेत्र की जनता अब नाराज ही नहीं, बल्कि जवाब मांगने के मूड में है। मन्नू बना ने कहा कि बांगरेड़ गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमिपूजन होना निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है, लेकिन सवाल यह है कि जब गांव तक पहुंचने के लिए आज भी बेहतर सड़क उपलब्ध नहीं है, तो उस स्वास्थ्य केंद्र का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक कैसे पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों का आक्रोश अचानक नहीं फूटा, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा और अनदेखी का परिणाम है। यही कारण रहा कि कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया और विधायक को उल्टे पैर लौटने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बांगरेड़ की घटना किसी एक गांव की नाराजगी भर नहीं है, बल्कि यह पूरे जावद विधानसभा क्षेत्र में पनप रहे जनअसंतोष का प्रतीक है। क्षेत्र के कई गांव आज भी सड़क, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही वे वादे फाइलों और भाषणों तक सीमित रह जाते हैं। मन्नू बना ने आरोप लगाया कि विधायक सखलेचा विकास के नाम पर केवल घोषणाएं और भूमिपूजन कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि जनता अब शिलान्यास और भूमिपूजन की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है; लोगों को वास्तविक विकास चाहिए, जो गांव-गांव तक दिखाई दे। उन्होंने नयागांव बॉर्डर स्थित परिवहन चेकपोस्ट का मुद्दा उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए कि विधायक सखलेचा के कार्यकाल में यह चेकपोस्ट लूट, भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का केंद्र बन चुकी है। वाहन चेकिंग के नाम पर ट्रक चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों से खुलेआम अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मंशा साफ होती तो इस तरह की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई होती। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि शिकायतें सामने आने के बावजूद व्यवस्था मौन बनी हुई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कहीं न कहीं संरक्षण का खेल चल रहा है। मन्नू बना ने जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे, लेकिन आज तक अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के कथित भ्रष्टाचार-विरोधी दावों |