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मंदसौर, 1 जून 2026। वन विभाग ने राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस थाना नाहरगढ़ से प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम बेटीखेड़ी, तहसील सीतामऊ में की गई। डीएफओ श्री संजय रायखेरे ने बताया कि ग्रामीणों ने दो व्यक्तियों को मोर का शिकार करते हुए पकड़कर पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों के कब्जे से एक मृत मोर तथा शिकार में प्रयुक्त एक गिलोल जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि (परिवर्तित नाम) (18 वर्ष) एवं प्रकाश पिता मनोहर बांचड़ा (39 वर्ष) निवासी छोटी बेटीखेड़ी के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। वन विभाग ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी प्रकाश को जिला जेल भेजने तथा आरोपी रवि परिवर्तित नाम को 13 जून 2026 तक बाल सुधार गृह, रतलाम में निरुद्ध करने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। राष्ट्रीय पक्षी को मिला है विशेष संरक्षण भारतीय मोर (Pavo cristatus) भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और इसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (भाग-बी) में शामिल कर विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है। इस संरक्षित वन्यजीव के अवैध शिकार या उससे संबंधित अपराधों पर 3 से 7 वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये के अर्थदंड का प्रावधान है। |