डूंगरपुर ( राजस्थान)
जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों को लेकर डूंगरपुर पुलिस अब पूरी तरह मिशन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय स्थित विजया राजे सिंधिया सभागार में सोमवार को डूंगरपुर पुलिस द्वारा एक दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोककर लोगों की जिंदगी बचाना रहा।
कार्यशाला में डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बेहद चिंताजनक आंकड़े साझा करते हुए कहा कि जिले में हत्या जैसी गंभीर घटनाओं की तुलना में सड़क हादसों में दस गुना अधिक लोगों की मौतें हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित घर पहुंचाना है। एसपी ने कहा कि यदि समय रहते समाज नहीं जागा तो सड़क दुर्घटनाएं आने वाले समय में सबसे बड़ा खतरा बन सकती हैं।
इस विशेष कार्यशाला में परिवहन विभाग, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक संगठनों, वाहन डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन, व्यापारिक संगठनों एवं नागरिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने डूंगरपुर पुलिस की इस पहल को सराहनीय और जनहितकारी बताया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विशेष रूप से शराब विक्रेताओं और बार संचालकों से अपील करते हुए कहा कि “ड्रिंक एंड ड्राइव” करने वालों पर नजर रखें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी मासूम की जान ले सकती है।
साथ ही वाहन विक्रेताओं एवं मैकेनिकों से भी युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़े विशेष पोस्टरों का विमोचन भी किया गया। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और मोबाइल का उपयोग न करने जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
अंत में सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा डूंगरपुर पुलिस के इस जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
डूंगरपुर पुलिस की यह पहल अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि “जिंदगी बचाने का जनआंदोलन” बनती नजर आ रही है।
भरत पंड्या | संवाददाता, डूंगरपुर