रतलाम....
सड़क हादसों में पीड़ित परिवारों के लिए रतलाम पुलिस उम्मीद की बड़ी किरण बनकर सामने आई है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में रतलाम पुलिस ने ‘हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्घटना पीड़ितों एवं मृतकों के परिजनों को अब तक ₹31 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता दिलवाई है। वहीं, हादसों में घायल लोगों की जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को सम्मानित करने के लिए ‘राह वीर योजना’ पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन एवं डीएसपी यातायात श्री आनंद स्वरूप सोनी के नेतृत्व में जिलेभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कुल 123 प्रकरण स्वीकृति हेतु कलेक्टर कार्यालय भेजे गए थे। इनमें से 33 प्रकरणों में जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सहायता राशि स्वीकृत की गई।
मृतकों के परिजनों को मिला सहारा
सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 10 लोगों के परिजनों को कुल ₹20 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई। यह राशि ऐसे परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनी है, जिन्होंने हादसों में अपने घर के सदस्य खो दिए।
गंभीर घायलों को भी मिली राहत
दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल 23 पीड़ितों को कुल ₹11 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस विभाग के अनुसार शेष लंबित प्रकरणों में भी भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।
‘राह वीर योजना’ से बढ़ेगी मानवता की मिसाल
रतलाम पुलिस अब उन लोगों को भी सम्मानित करने की तैयारी में है, जो सड़क हादसों में घायल लोगों को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाते हैं। ‘राह वीर योजना’ के तहत अब तक 07 प्रकरण तैयार कर स्वीकृति के लिए कलेक्टर कार्यालय भेजे जा चुके हैं, जबकि 08 अन्य प्रकरणों पर प्रक्रिया जारी है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने कहा कि दुर्घटना के बाद का “गोल्डन ऑवर” किसी भी घायल की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में जो नागरिक बिना डर और झिझक के मदद के लिए आगे आते हैं, वे समाज के असली हीरो हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की तत्काल सहायता करें।
रतलाम पुलिस की यह पहल न केवल पीड़ित परिवारों को राहत दे रही है, बल्कि समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सड़क सुरक्षा के प्रति नई जागरूकता भी पैदा कर रही है।
Crime reporter Jitendra Kumawat