चीताखेड़ा–रंभावली मार्ग पर ठेकेदार की सुस्ती, श्रद्धालुओं की राह में अड़चन
चीताखेड़ा, 5 मार्च। आमजन की गाढ़ी कमाई से बनने वाली चीताखेड़ा–रंभावली पहुंच सड़क पर निर्माण की रफ्तार ऐसी है मानो काम नहीं बल्कि कछुए की चाल से रस्म अदायगी हो रही हो। करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रही 3.5 किलोमीटर सड़क का काम 9 माह बाद भी अधूरा पड़ा है, जिससे गुणवत्ता निरीक्षण और विभागीय दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और विभागीय अमले की सुस्ती के कारण सड़क निर्माण टुकड़ों में चलता और लंबे समय तक बंद रहता है। नतीजा यह है कि करोड़ों की लागत वाली सड़क आज भी आवागमन के लायक नहीं बन पाई।
मेले के समय याद आया दायित्व
आवरी माताजी मंदिर पर हर वर्ष नवरात्र में भव्य मेला लगता है, जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल मेले के बाद मेला समिति गहरी नींद में चली गई थी, लेकिन जैसे ही इस वर्ष मेले का समय करीब आया तो समिति की कुंभकर्णी नींद टूटी और गुरुवार को आनन-फानन में जिला कलेक्टर डॉ. हिमांशु चंद्रा के दरबार में पहुंचकर गुहार लगाई कि साहब सड़क को जल्द ठीक करवाइए, नहीं तो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होगी।
कागजों में विकास, जमीन पर अधूरी सड़क
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में लापरवाही और कथित सांठगांठ के कारण काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो यह सड़क भ्रष्टाचार की मिसाल बनकर रह जाएगी।
प्रशासन ने दिए निर्देश
मेला समिति ने अनुविभागीय अधिकारी और पीडब्ल्यूडी विभाग नीमच को भी लिखित ज्ञापन सौंपा। मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी एसडीओ नेहा राठौर ने ठेकेदार को फोन पर निर्देश देते हुए 15 मार्च तक सड़क को आवागमन योग्य बनाने के आदेश दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि ठेकेदार और विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मेले से पहले सड़क को दुरुस्त करते हैं या फिर करोड़ों की यह सड़क यूं ही अधूरी पड़ी रहती है।
विनोद सांवला हरवार