रतलाम/जावरा। पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही एक महिला ने जिंदगी खत्म करने का मन बना लिया और आत्महत्या के इरादे से घर छोड़कर निकल गई।
इस दौरान महिला ने राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 पर फोन कर अपनी पीड़ा बताई। महिला की आवाज में घबराहट और बेबसी साफ झलक रही थी। वह अत्यधिक रो रही थी और ठीक से अपनी बात भी नहीं रख पा रही थी। लेकिन समय रहते मिली इस सूचना पर डायल-112 के जवानों ने ऐसी तत्परता और संवेदनशीलता दिखाई कि एक जिंदगी बच गई।
मामला रतलाम जिले के थाना जावरा सिटी क्षेत्र का है। पारिवारिक विवाद से आहत महिला ने डायल-112 पर कॉल कर बताया कि वह आत्महत्या करने जा रही है। सूचना मिलते ही जावरा सिटी क्षेत्र में तैनात एफआरव्ही स्टाफ आरक्षक जितेंद्र व्यास, आरक्षक चंद्रपाल सिंह सिसोदिया एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशी तत्काल सक्रिय हो गए। जवानों ने बिना समय गंवाए महिला से फोन पर लगातार संपर्क बनाए रखा। उसे बातचीत के जरिए ढांढस बंधाया और संवेदनशीलता के साथ समझाने का प्रयास किया, ताकि वह कोई आत्मघाती कदम न उठा सके।
इधर, जवान महिला की लोकेशन का पता लगाते हुए तेजी से मौके की ओर रवाना हुए। लगातार संपर्क और सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम हाईवे पर पहुंची, जहां महिला उन्हें मिली।
जवानों ने मौके पर महिला को भरोसा दिलाया और धैर्यपूर्वक समझाइश देकर उसे सुरक्षित किया। इसके बाद महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही परिजनों को भी समझाया गया कि भविष्य में पारिवारिक विवाद की स्थिति पैदा न करें तथा महिला की मानसिक स्थिति, भावनाओं और जरूरतों का विशेष ध्यान रखें।
डायल-112 के जवानों की त्वरित कार्रवाई, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता ने एक संभावित दुखद घटना को टाल दिया। यह घटना बताती है कि आपात स्थिति में समय पर की गई एक कॉल और पुलिस की तत्काल मदद किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत