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जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश आगर-मालवा। जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज सभी बच्चों की कार्यकर्ता द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य देखभाल की जाए तथा सुपरवाइजर केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग कर सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी में दर्ज बच्चों का सुपोषण बना रहे। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री बीएस सोलंकी, सीएमएचओ डॉ. दिनेश देहलवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राजीव गुप्ता, सभी बीएमओ, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने नवजात शिशुओं के जन्म के समय ही आधार पंजीयन कार्य की समीक्षा कर निर्देश दिए कि प्रसूति के बाद स्वास्थ्य संस्थाओं में ही शिशुओं का आधार पंजीयन कर उन्हें आधार कार्ड उपलब्ध करवाया जाए। बैठक में टेक होम राशन वितरण की समीक्षा में बताया गया कि पोषण ट्रेकर ऐप के माध्यम से पंजीकृत 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं और 83 प्रतिशत धात्री महिलाओं को टेक होम राशन वितरण किया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को माह में 21 दिन गर्म पका भोजन प्रदान किया गया है, जो कि 84 प्रतिशत है। कलेक्टर ने सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का नियमित रूप से समय पर निर्धारित 12 फॉलोअप करवाकर उनमें श्रेणी सुधार करवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एनआरसी में भर्ती बच्चों के रिकवरी रेट, अपार आईडी बनाने, आभा आईडी बनाने, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, एएनसी जांच, टीकाकरण आदि बिंदुओं पर भी विस्तार से समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एनआरसी में भर्ती बच्चों का नियमित रूप से उपचार एवं फॉलोअप कर श्रेणी सुधार के विशेष प्रयास करें। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में शिशुओं की उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के भी निर्देश सभी बीएमओ को दिए। |