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आगर-मालवा : जिले में सोयाबीन फसल वर्तमान में दाना भरने की अवस्था में है। इस अवस्था में पर्ण झुलसा, एन्थ्रेक्नोज (श्याम वर्णी रोग), पीला मोजेक तथा पत्ती खाने वाली इल्ली एवं गर्डल बीटल का प्रकोप होने की संभावना है। कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा विभिन्न ग्रामों में किसानों के खेतों पर जाकर फसल निरीक्षण कर प्रारंभिक लक्षण दिखते ही तत्काल नियंत्रण के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने किसानों को अनुशंसित फफूंदनाशक एवं कीटनाशक जैसे पायराक्लोस्ट्रोबिन+प्रोपिकोनाजोल, कार्बेन्डाजिम+मैनकोजेब, थायोमिथोक्सम+लैम्ब्डा एवं क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करने की सलाह दी है। साथ ही खेत में जल भराव न होने देने, अतिरिक्त जल निकासी, पीले स्टिकी ट्रैप व T आकार के बर्ड पर्चेस लगाने तथा दवाओं का उपयोग केवल अनुशंसित मात्रा में कर पक्का बिल लेने की अपील की है।आगे भी आप समाचार भेजते रहें, मैं इसी तरह सभी इनवर्टेड कॉमा हटाकर तैयार करता रहूँगा। |