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• अंजुमन बिचलासात जामा मस्जिद से हुई जुलूस की शुरुआत, प्रमुख मार्गों से होता हुआ मदरसा परिसर में संपन्न हुआ जलसा • मुल्क में अमन-चैन और आपसी भाईचारे की मांगी गई दुआएं, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद कस्बे में ईद-उल-मिलादुन्नबी का पवित्र पर्व अत्यंत शांति, सौहार्द और पारंपरिक शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर अंजुमन बिचलासात जामा मस्जिद से सुबह सात बजे बैंड-बाजे और इस्लामी ध्वजों के साथ भव्य जुलूस (जलसा) प्रारंभ हुआ। जुलूस कस्बे के मुख्य मार्गों—बड़ला चौक, भटवाड़ा मोहल्ला, जयपुरी मोहल्ला, रूपपुरा मस्जिद, बस स्टैंड, सदर बाजार, आसन चौक और शाह मोहल्ला से होता हुआ पुनः मदरसा बिचलासात पहुंचा। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने हाथों में मजहबी परचम थामकर नूर वाला आया है, नूर लेकर आया है और पत्ती-पत्ती फूल-फूल, या रसूल-या रसूल जैसे नारों व नात शरीफ के साथ माहौल को रूहानी बना दिया। जुलूस के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर जुलूस का भावुक और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुल्क की तरक्की और अमन की दुआ मदरसा परिसर पहुंचने पर जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना तफ़सीर रज़ा साहब ने मुल्क में अमन, शांति, तरक्की और आपसी भाईचारे की विशेष दुआ कराई। उन्होंने अपने संबोधन में पैगंबर साहब की शिक्षाओं पर चलने और समाज में वफादारी व सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। आकर्षक सजावट और नात ख्वानी का आयोजन पर्व को लेकर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों, गलियों और घरों को सतरंगी लाइटों, झंडियों और झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। रात में ईशा की नमाज़ के बाद मदरसा परिसर में नात ख्वानी का शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर एक नात शरीफ का नज़राना पेश किया। कार्यक्रम का समापन अंजुमन कमेटी द्वारा आयोजित सामूहिक भोज (सहभोज) के साथ हुआ। सुरक्षा के कड़े इंतजाम आयोजन के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जाट पुलिस चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस बल ने तड़के से ही मोर्चा संभाल रखा था, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रिपोर्ट : आज़ाद खान |