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विशाल मेले में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब, होगा भण्डारे का आयोजन, तैयारियां जोरों पर चीताखेड़ा । श्रावण माह की 30 जुलाई से शिवालयों में भक्तों की टोलियां उमड़ रही है। भक्तों को शिवाजी तत्क्षण संतुष्ट करते हैं, गरीब हो या अमीर, राजा हो या महाराजा , पुरंदर सबके हैं महादेव। उनकी आराधना के लिए किसी भी प्रकार के आडंबर की आवश्यकता नहीं है, वैभव, संपदा व एश्वर्य से दूर भभूत लपेटे जटाधारी शिव की यही सरलता भक्तों को अपने से जोड़ती हैं। इस बार संयोग से श्रावण मास में डेढ़ सप्ताह से शिवालयों में शिव भक्तों का आस्था और श्रद्धा का सैलाब शिव भक्ति में डूबा हुआ है। अंचल के शिवालयों में विगत डेढ़ सप्ताह से बम बम भोले......,हर हर महादेव.....,जय शिव शंकर.......,जय श्री महाकाल........ जैसे कई जयकारों के स्वर के साथ भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, दुग्धाअभिषेक, जलाभिषेक कई धार्मिक कार्यक्रमों के साथ घंटी- घड़ियाल,शंख की मधुर स्वर लहरियों से गुंजायमान हो रहा है,इन दिनों पुरा अंचल शिवमय बना हुआ है। उपरोक्त जानकारी रामझर महादेव मंदिर समिति सचिव तरुण सगरावत ने प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया है कि सावन माह के तीसरे सोमवार 17 अगस्त सोमवार को चीताखेड़ा - जीरन के बीच झील में स्थित दलपतपुरा के पास अंचल का प्रसिद्ध मिनी हरिद्वार कहे जाने वाला 11 वीं सदी का अतिप्राचीन रामझर महादेव मंदिर पर शिव भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। यहां विगत कई वर्षों से सावन माह में शहर एवं ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में कांवड़िए डीजे और ढोल ढमाको के साथ पैदल यात्रा कर भोलेनाथ की चोखट पर मत्था टेकने आते हैं। यहां रामझर महादेव मंदिर समिति द्वारा भव्य मेले का आयोजन करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी रामझर महादेव मंदिर समिति के तत्वावधान में आगामी दिवस 17 अगस्त 2026 को तीसरे सोमवार को भव्य मेले का आयोजन आयोजित होने जा रहा है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस बार क्षेत्र के 40 ग्रामों से कांवड़िए पैदल कांवड़ यात्रा लेकर आएंगे। चीताखेड़ा महाकाल भक्त मंडल के सदस्य घर-घर जाकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने हेतु निमंत्रण पत्र वितरण कर विनती कर रहे हैं। जीरन, कुंचडौद, नयाखेड़ा, पीराना,बमोरी, बमोरा, चल्दू, अरनिया बोराना, चीताखेड़ा, घसुंडी जागीर, भीमपुरा, अमावली जागीर, भड़कसनावदा, हरनावदा, आसपूरा, आंबा, केरी, देवियां ग्वाल, तालाब ग्वाल, मात्याखेड़ी, तालखेडा, बांसखेड़ा, अघोरिया, दलपतपुरा, राबड़िया, कराडिया महाराज आदि गांव से कावड़ यात्री रामझर महादेव में कावड़ यात्रा लेकर सम्मिलित होंगे। रामझर महादेव मंदिर समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्म प्रेमी बंधुओं से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में निर्धारित समय पर पहुंचकर कार्यक्रम का लाभ उठाएं। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |