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नीमच। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने नीमच जिले के रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बैंसला में मृत व्यक्ति का फर्जी वारिस बनकर कृषि भूमि हड़पने के मामले में बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जमीन हथियाने के लिए अपने पिता का नाम तक बदल लिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर लगभग 2 हेक्टेयर भूमि अपने नाम दर्ज करा ली। ईओडब्ल्यू द्वारा शिकायत क्रमांक 772/25 की जांच के बाद ग्राम बैंसला निवासी भगवान मीणा सहित ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच, सचिव, पटवारी और तहसीलदार के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, कूटरचना और भ्रष्टाचार की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। जांच में पाया गया कि आरोपी भगवान मीणा ने मृतक केदार पिता धूरा की जमीन का मालिक बनने के उद्देश्य से स्वयं को मृतक का इकलौता पुत्र और वैध वारिस दर्शाया। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद पटवारी द्वारा गलत वंशावली, पंचनामा और प्रतिवेदन तैयार किए गए, जबकि तहसीलदार ने बिना वैध जांच किए फौती नामांतरण आदेश जारी कर दिया। ईओडब्ल्यू के अनुसार इस पूरे मामले में सरकारी पदों का दुरुपयोग कर आरोपी को लाभ पहुंचाया गया तथा वास्तविक वारिसों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला भगवान मीणा पिता भेरूलाल मीणा, निवासी बैंसला श्रीमती प्रेमलता अमर रावत, तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत बैंसला आनंद सक्सेना, सचिव ग्राम पंचायत बैंसला अनुराग पाटीदार, तत्कालीन पटवारी बी.के. मकवाना, तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा अन्य सहयोगी व्यक्ति इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं संशोधन अधिनियम 2018 की धाराओं 7(ग) और 12 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ईओडब्ल्यू ने कहा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। |