रतलाम / जावरा
जावरा की पावन धरती पर रविवार को गुरुभक्ति, श्रद्धा और समाज एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कस्तुर पावन धाम में आयोजित लोकार्पण एवं भूमि पूजन समारोह ने पूरे नगर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। गुरु महिमा से ओतप्रोत इस भव्य आयोजन में संत-साध्वी मंडल, जनप्रतिनिधियों और समाजजनों की विशाल उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा. ने कहा कि जावरा ने गुरु भक्ति का जो अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति समर्पण और समाज की एकजुटता ही “सबका साथ, सबका विकास” का सच्चा स्वरूप है।
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी म.सा. ने कहा कि जावरा समाज पर गुरु कस्तुर का विशेष उपकार रहा है और उसी का प्रतिफल है कि यहां समाज ने उत्साहपूर्वक प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर दूसरे चरण के लिए भी उदारतापूर्वक सहयोग का संकल्प लिया।
महासती डॉ. कुमुदलता जी म.सा. ने जावरा समाज का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुरु कस्तुर स्मारक एवं गुरु कस्तुर हिरा प्रताप हॉल का निर्माण समाज की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।
मीडिया प्रभारी संदीप रांका, सुभाष टुकडिया, अभय सुराणा और आनंद रांका ने संयुक्त रूप से बताया कि ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता ने कस्तुर पावन धाम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रथम चरण में स्मारक निर्माण बसंतीलाल, कमल कुमार, सुशील, विमल कुमार, अनिल कुमार चपडोद परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ। वहीं गुरु प्रताप हिरा भवन के लोकार्पण में तल मंजिल के लाभार्थी कनकमल, सुभाषचंद्र, राजेश, धनसुख चोरडिया तथा प्रथम मंजिल के लाभार्थी मनोहरलाल, नवीन कुमार, नगीन कुमार एवं चपडोद परिवार रहे।
भूमि पूजन के विशेष अतिथि समरथमल ओस्तवाल, रमेश भंडारी (इंदौर), जयंतीलाल डांगी (रतलाम), इंदरमल जैन वकील सा., महेंद्र कुमार बोथरा, प्रदीप कीमती, संतोष चोपड़ा (नीमच), पारसमल मेहता (इंदौर), मणिलाल कटारिया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जावरा विधायक डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, दलौदा विधायक विपिन जैन, नीमच नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाती चोपड़ा, तथा अखिल भारत जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आई.एम. जैन ने भी अपने विचार रखे।
स्वागत भाषण नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोच्चटा ने दिया। आयोजन समिति द्वारा प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा., उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी म.सा., महासती डॉ. कुमुदलता जी म.सा. एवं डॉ. महाप्रज्ञा जी म.सा. को आदर की चादर भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में समाज के वरिष्ठजन बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, पुखराजमल कोच्चटा, सुशील चपडोद, राकेश मेहता, सुजानमल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड़, समरथमल ओस्तवाल, अशोक रांका, मनोहरलाल चपडोद, पारसमल गादिया, अजीत रांका, वर्धमान मांडोत, सुजानमल ओरा, शांतिलाल डांगी, मोहनलाल पोखरना, महेन्द्र रांका, समीरमल चत्तर, कमल चपडोद, दिलीप चत्तर, सुभाष चोरडिया, आकाश जैन, विनोद लुणिया, बाबूलाल भटेवरा, सुरेन्द्र मेहता, अशोक भंडारी, सुरेंद्र कोच्चटा, माणक संघवी, अनिल चत्तर, पुखराज भंडारी, दिलीप भंडारी, भंवरलाल मेहता, संजय टुकडिया, ऋषभ मेहता, धनसुख चोरडिया, यश मेहता, आयुष चोरडिया, पवन डांगी, राहुल रांका, पारसमल ओरा, नितिन कोलन, मनीष पोखरना, सुभाष चपडोद, राजमल भंडारी, अशोक चत्तर, फतेहलाल मेहता, ज्ञानचंद भंडारी, विमल मेहता, नगीन ओस्तवाल, सुधीर कोच्चटा, राकेश ओस्तवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन यश जैन ने किया, जबकि अंत में ट्रस्ट सचिव सुजानमल कोच्चटा ने आभार व्यक्त किया। यह आयोजन जावरा में गुरु श्रद्धा, सामाजिक एकता और धार्मिक चेतना का अविस्मरणीय अध्याय बन गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत