रतलाम। मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित ब्रांड सांची के दूध पर अब आम जनता का भरोसा डगमगाने लगा है रतलाम शहर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले एक महीने से सांची दूध की क्वालिटी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है उज्जैन मुख्य डेयरी से रतलाम सप्लाई होने वाला सांची दूध हर एक-दो दिन में फट रहा है अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण न सिर्फ हजारों उपभोक्ताओं की जेब कट रही है बल्कि सांची के ब्रांड नेम पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
बार-बार शिकायत पर सिर्फ खोखले आश्वासन
स्थानीय दुग्ध विक्रेताओं और एजेंटों का कहना है कि दूध फटने की यह समस्या पिछले एक महीने से लगातार बनी हुई है जब भी सांची दुग्ध संघ रतलाम के संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाता है तो वे हमेशा की तरह जांच का खोखला आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं धरातल पर समस्या का कोई स्थायी निराकरण नहीं किया जा रहा है जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है
समन्वय के अभाव से एजेंटों और ग्राहकों को आर्थिक चपत लग रही है
अधिकारियों की कार्यप्रणाली का सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय सांची एजेंटों और आम ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है
अधिकारियों की बेरुखी सांची के जिम्मेदार अधिकारी अपने ही फील्ड एजेंटों से उचित तालमेल नहीं बना रहे हैं
सीधा सीधा नुकसान जब ग्राहक फटा हुआ दूध वापस लाता है तो एजेंटों को अपनी जेब से पैसा लौटाना पड़ता है या दूध बदलना पड़ता है अधिकारी इस नुकसान की भरपाई करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं
दाम बढ़े लेकिन क्वालिटी घटी है जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सांची दुग्ध संघ दूध के भावों में लगातार वृद्धि करने में तो सबसे आगे रहता है लेकिन जब बात दूध की क्वालिटी सुधारने की आती है तो मैनेजमेंट आंखें मूंद लेता है महंगे दामों पर भी लोगों को शुद्ध और सही दूध नसीब नहीं हो रहा है
उठते गंभीर सवाल यह की क्या उज्जैन से रतलाम परिवहन के दौरान कोल्ड चेन मेंटेन नहीं की जा रही है या फिर जानबूझकर घटिया क्वालिटी का दूध सप्लाई किया जा रहा है अधिकारियों की यह लापरवाही सीधे तौर पर सांची दुग्ध संघ की साख को बट्टा लगा रही है
रतलाम के नागरिकों और सांची एजेंटों ने प्रशासन और दुग्ध संघ के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लिया जाए दोषियों पर कार्रवाई हो और रतलाम की जनता को गुणवत्तापूर्ण दूध की सप्लाई सुनिश्चित की जाए नही तो सांची उत्पादों के बहिष्कार की नौबत आ सकती है
सांची जैसे सरकारी सहकारिता संगठन से लोगों को शुद्धता की उम्मीद होती है यदि जिम्मेदार अधिकारी अपनी एयरकंडीशंड कुर्सियों से उठकर फील्ड की समस्याओं को नहीं सुलझा सकते तो उन्हें पदों पर रहने का कोई हक नहीं है
लेवेन्द्र सिह शेखावत पप्पू भैया रतलाम जिला ब्युरो चीफ SSE NEWS 9926340080