रतलाम / सैलाना
सैलाना तहसील के ग्राम सालरापाड़ा में किसानों और ग्रामीणों के हित में एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां CITI-CDRA एवं अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization - ILO) के संयुक्त सहयोग से भीषण गर्मी के बीच शुद्ध पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई। इस पहल ने खेतों में काम कर रहे किसानों, मजदूरों और राहगीरों को बड़ी राहत प्रदान की।
गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और दोपहर के समय तापमान तेज होने से खेतों में कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ऐसे में गांव सालरापाड़ा में स्थापित पानी प्याऊ किसानों के लिए राहत का केंद्र बन गया। खेतों में दिनभर मेहनत करने वाले किसान और खेत मजदूर यहां रुककर ठंडा और स्वच्छ पानी पी रहे हैं, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने किसानों और ग्रामीणों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी। बताया गया कि लगातार धूप में काम करने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकान और लू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में समय-समय पर स्वच्छ पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इस दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और गर्मी से बचाव को लेकर जागरूकता संदेश भी दिए गए।
ग्रामीणों ने इस पहल की खुलकर सराहना की। किसानों ने कहा कि गर्मी के मौसम में खेतों में लंबे समय तक काम करते समय शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। कई बार खेतों से दूर होने के कारण पानी की समस्या बनी रहती है, ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
CITI-CDRA एवं ILO के प्रतिनिधियों ने बताया कि किसानों और ग्रामीण समुदाय के कल्याण के लिए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और जनहितकारी कार्य जारी रहेंगे। संस्थाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कठिन मौसम में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत