रतलाम/जावरा
रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृता को आरोपी की अभिरक्षा से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 10 अप्रैल 2026 को एक महिला ने थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अपराध क्रमांक 177/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को गुमशुदा और अपहृत बच्चों की शीघ्र तलाश के सख्त निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक जावरा श्री युवराजसिंह चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, साइबर इनपुट, मुखबिर सूचना और विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार दबिश देकर तलाश अभियान चलाया। अथक प्रयासों के बाद 13 मई 2026 को पुलिस टीम ने नाबालिग बालिका को आरोपी की गिरफ्त से सकुशल बरामद कर लिया। विधिसम्मत कार्रवाई के बाद बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में उपनिरीक्षक हर्षेन्द्र बहादुर दीक्षित, प्रतापसिंह भदौरिया, कन्हैया अवस्थी, प्रधान आरक्षक संजय आंजना, मुकेश पाटीदार, आरक्षक अर्जुन चंदेल, दीपराजसिंह, कमलेश डांगी, कुलदीप पाटीदार, अर्जुन प्रजापत, पवन, कारूलाल, महिला आरक्षक भावना, भावना शर्मा, सुनिता, आरक्षक प्रीतम (थाना ताल) तथा सायबर सेल रतलाम की सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुमशुदा/अपहरण मामलों में लगातार विशेष अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्टर: जितेंद्र कुमावत