सैलाना / रतलाम
सैलाना ब्लॉक में आशा कार्यकर्ताओं और आशा सुपरवाइजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले पांच माह से भुगतान नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी है। बड़ी संख्या में एकत्रित हुई आशा कार्यकर्ताओं ने सैलाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट कर दिया कि जब तक लंबित भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक वे किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेंगी।
मंगलवार को सैलाना में आशा कार्यकर्ताओं ने संगठित होकर ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर (बीईई) कैलाश यादव तथा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. नीरज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजरों का पिछले पांच महीनों से मानदेय एवं विभिन्न योजनाओं का भुगतान लंबित है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि वे गांव-गांव जाकर टीकाकरण, प्रसूति सेवाएं, नसबंदी कार्यक्रम, स्वास्थ्य सर्वेक्षण और जनजागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती हैं, लेकिन लंबे समय से मेहनताना नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के पालन-पोषण में गंभीर परेशानी आ रही है। इसी कारण अब उन्होंने सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि बीईई कैलाश यादव पूरे सैलाना ब्लॉक में आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों के समन्वय, नसबंदी कार्यक्रम और अन्य स्वास्थ्य अभियानों की जिम्मेदारी संभालते हैं। ज्ञापन सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो हड़ताल और उग्र हो सकती है, जिसका सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
ज्ञापन पर अध्यक्ष संगीता निनामा, सचिव लक्ष्मी भूरिया सहित ममता गरवाल, रामी पारगी, लीलावती मुनिया, सीमा भाभर, रेखा रामा समेत अनेक आशा कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर मौजूद हैं। हड़ताल से सैलाना ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
Reporter Jitendra Kumawat