रतलाम / सैलाना
रतलाम। जिले के वरिष्ठ शिक्षाविद, पेंशन संघ के प्रवक्ता एवं पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी सैलाना प्रमोद कुमार व्होरा (78 वर्ष) का उनके गृह निवास रतलाम में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा जगत, कर्मचारी संगठनों और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे श्री व्होरा के जाने से एक युग का अंत माना जा रहा है।
स्व. व्होरा अपने मृदुभाषी, सरल एवं सहज स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे सेवा काल में न केवल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की लड़ाई में भी अग्रणी भूमिका निभाई। वे सदैव कर्मचारी एकता और न्याय के पक्षधर रहे और कई आंदोलनों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
उनके निधन पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, शिक्षक संघ, राज्य अध्यापक संघ, समग्र शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस, ट्राइबल वेलफेयर विभाग, पेंशनर एसोसिएशन, प्रोग्रेसिव पेंशन संघ, पटवारी संघ, लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ सहित दर्जनों कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी संगठनों ने स्व. व्होरा के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें कर्मठ, ईमानदार और समर्पित व्यक्तित्व बताया।
शोक सभा में उपस्थित प्रमुख लोगों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी और आमजन शामिल रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
स्व. व्होरा की अंतिम यात्रा में समाज के गणमान्य नागरिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में उनके इष्ट मित्र शामिल हुए। उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान उनके अनुज अशोक व्होरा एवं भतीजे अंकित व्होरा ने मुखाग्नि दी।
उनका जीवन सेवा, संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहा, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।