रतलाम। जिले में शासकीय जलस्रोतों के संरक्षण और पानी के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ग्राम धौंसवास के शासकीय तालाब से कथित रूप से अवैध तरीके से मोटर लगाकर पानी निकालने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले ने देर रात कार्रवाई करते हुए दो मोटर जब्त कर लीं। कलेक्टर अजय कटेसरिया के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से शासकीय जलस्रोतों का अवैध दोहन करने वालों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम धौंसवास स्थित शासकीय तालाब से मोटर पंप के माध्यम से पानी निकाले जाने की शिकायत और जानकारी मिलने पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद राजस्व विभाग और मध्यप्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने देर रात्रि मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
जांच के दौरान तालाब से पानी निकालने के लिए दो मोटर अवैध रूप से संचालित पाई गईं। संयुक्त दल ने मौके पर ही दोनों मोटरों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में तहसीलदार आशीष उपाध्याय, नायब तहसीलदार देवेंद्र दानगढ़ तथा एमपीईबी के जूनियर इंजीनियर राजकुमार राजावत शामिल रहे।
शासकीय जलस्रोतों के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में शासकीय तालाबों, जलाशयों एवं अन्य सार्वजनिक जलस्रोतों से बिना अनुमति पानी निकालने की शिकायत मिलने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें। जलस्रोत सार्वजनिक संपत्ति हैं और इनका उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति द्वारा निजी स्वार्थ के लिए इनका अवैध दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धौंसवास में देर रात हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि शासकीय संसाधनों के दुरुपयोग पर प्रशासन की नजर है और शिकायत मिलने पर केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर कार्रवाई भी की जाएगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत