रतलाम / बाजना। वीर शिरोमणि तेजाजी महाराज की तेजा दशमी के अवसर पर बाजना नगर आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी वीर तेजाजी महाराज की भव्य यात्रा धूमधाम से निकाली गई। बैंड-बाजों की धार्मिक धुनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में बाजना सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
भव्य तेजाजी की झांकी के साथ निकली यात्रा ने नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। यात्रा तेजाजी मंदिर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, अम्बे चौक प्रांगण, जैन मंदिर, सदर बाजार, कर्नाटक चौराहा और राजपूत मोहल्ले सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः वीर तेजाजी महाराज मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। पूरे मार्ग में वीर तेजाजी महाराज के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
तेजा दशमी के अवसर पर मंदिर परिसर में वर्षों से चली आ रही तात्ती तोड़ने की परंपरा भी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक परंपरा में भाग लिया। मान्यता के अनुसार जहरीले अथवा विषैले जीव-जंतुओं के काटने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा हाथ में लच्छे की डोर बांधी जाती है, जिसे स्थानीय रूप से तात्ती कहा जाता है। श्रद्धालु इस परंपरा को वीर तेजाजी महाराज की आस्था से जोड़ते हैं और मंदिर परिसर में पहुंचकर तात्ती तोड़ने की रस्म निभाते हैं।
वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक वातावरण, भव्य झांकी और बैंड-बाजों के साथ निकली यात्रा ने तेजा दशमी के उत्सव को विशेष बना दिया।
आयोजन के दौरान पुजारी गणपत लाल प्रजापत सहित मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार दण्डोतिय के नेतृत्व में थाना बाजना का पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस जवानों ने यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
वीर तेजाजी महाराज की भक्ति और वर्षों पुरानी परंपरा के साथ बाजना में मनाई गई तेजा दशमी ने नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )