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चीताखेड़ा । श्रावण माह के तीसरे सावन सोमवार कल दिवस 17 अगस्त को चीताखेडा का महाकाल भक्त मंडल द्वारा चीताखेड़ा से रामझर महादेव मंदिर तक उज्जैन के महाकाल की सवारी की तर्ज पर डीजे व ढोल-ढमाको के साथ निकाली जाएगी। इन दिनों अंचल के सभी शिवालय हर हर महादेव........,जय शिव शंभू.........,बोल बम बम....... जयकारों से गूंजायमान है, शिवालयों में उमड़ रहा है शिव भक्तों का जन सैलाब। किया जा रहा है दूग्धाभिषेक,जलाभिषेक । उपरोक्त जानकारी महाकाल भक्त मंडल के वरिष्ठ तरुण सगरावत ने प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया है कि श्रावण माह की कल दिवस 17 अगस्त सोमवार को सुबह 9 बजे चीताखेड़ा के बजरंग मंदिर से 4 किमी दूर जीरन मार्ग पर अरावली की सुरम्य पहाड़ों की गोद में स्थित अंचल का मिनी हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध 11 वीं शताब्दी का अतिप्राचीन आशुतोष भगवान रामझर महादेव तक श्रावण माह के तीसरे सावन सोमवार को डीजे ढोल ताशों और डमरु की गूंज के साथ उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर महाकाल भव्य शाही सवारी के साथ पैदल कावड़ यात्रा बड़े ही ठाट बाट के साथ प्रारंभ होगी। श्री सगरावत ने बताया कि कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए कांवड़ में पवित्र गंगाजल लेकर चलेंगे । दोपहर 1बजे के दरमियान रामझर महादेव मंदिर पहुंचेगी कांवड़ यात्रा। महाकाल की सवारी एवं कांवड़ यात्रा में सबसे पीछे ट्रैक्टर में महाकाल की झांकी जो कि दर्शकों के लिए आकर्षित रहेंगी। महाकाल की सवारी एवं कांवड़ यात्रा की तैयारी को लेकर मुख्य रूप से महाकाल भक्त मंडल के सभी सदस्य अथक प्रयासों में लगे हुए हैं। तरुण सगरावत ने बताया कि।रामझर महादेव मंदिर पर कांवड़िए एवं दर्शन हेतु आने वाले सभी दर्शनार्थियों के लिए विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा। जहां हजारों शिव भक्तों का सैलाब भण्डारे में महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |