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चीताखेड़ा । गत वर्ष झालावाड़ जिले के पीपलोदी में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी नीमच जिले के प्रशासनिक अधिकारी नहीं जागे और घटना घटित (बड़े हादसे)के इंतजार में हैं । जर्जर हालत में बमोरी गांव की आंगनवाड़ी केंद्र भवन की हल्की बारिश में ही छत से पानी टपक ने लगता है। छत के नीचे सीमेंट कांक्रीट लटक रही है। जिला नीमच मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर नीमच विधानसभा क्षेत्र का गांव बमोरी में आंगनबाड़ी भवन के हाल बेहाल,जर्जर हालत में पड़ी हुई है। यहां आंगनबाड़ी भवन छत से टपक रहे पानी के कारण भीग रहा है। आंगनबाड़ी भवन की छत से सरिया सड़ चुका है, और सरिये झांक रहे हैं, सीमेंट कांक्रीट के टुकड़े लटक रहे हैं।जर्जर हो चुके आंगनबाड़ी भवन की खस्ताहालत देखकर जिम्मेदार लोगों का इस और कतई ध्यान नहीं है। यहां आंगनबाड़ी भवन पिछले कई समय जर्जर हो रही है। लेकिन देश में इतने हादसों के बाद अगर प्रशासन नहीं जागता है तो दुःख होता है। ग्राम पंचायत के सरपंच ने इस ओर कभी संज्ञान में नहीं लिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केशर देवी रावत ने बताया कि मैंने इस मामले की संबंधित अधिकारी को जानकारी दे दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आने वाले समय जल्द से जल्द अगर आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत नहीं की गई तो ग्रामीण सड़क पर उतरेंगे। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |