रतलाम। सोशल मीडिया पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कथित रूप से AI एवं एडिटिंग के माध्यम से तैयार किए गए फर्जी और आपत्तिजनक वीडियो को व्हाट्सएप स्टेटस पर प्रसारित करना एक युवक को भारी पड़ गया। दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लालचंद राठौड़ निवासी ब्राह्मणों का वास, रतलाम के विरुद्ध एफआईआर क्रमांक 560/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में अंकुश श्रीवास्तव निवासी समता परिसर ने बताया कि 29 जुलाई की शाम उनके मित्र कृष्णा डिंडोर ने व्हाट्सएप पर स्क्रीनशॉट और वीडियो भेजे। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित रूप से एडिट किया गया फर्जी वीडियो, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर का उपयोग तथा आपत्तिजनक भाषा दिखाई दे रही थी।
एक अन्य वीडियो में प्रधानमंत्री के पुतले को नदी में फेंकते हुए अश्लील गालियां दी जा रही थीं। शिकायत के अनुसार यह सामग्री आरोपी लालचंद राठौड़ ने अपने मोबाइल नंबर 9302840111 से व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर प्रसारित की, जिससे लोगों में रोष व्याप्त हुआ और प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता अंकुश श्रीवास्तव अपने साथियों मोहित बंजारा, जयेश जाजोरिया और नवीन चौधरी के साथ दीनदयाल नगर थाने पहुंचे और मोबाइल में उपलब्ध वीडियो व स्क्रीनशॉट पुलिस अधिकारियों को दिखाकर डिजिटल साक्ष्य सौंपे। थाना प्रभारी अनुराग यादव के निर्देश पर प्रकरण दर्ज किया गया तथा मामले की जांच उपनिरीक्षक पंकज राजपूत को सौंपी गई।
इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अनुकूल सोनी एवं जिला महामंत्री कृष्णा डिंडोर सहित बड़ी संख्या में युवा मोर्चा कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष अनुकूल सोनी ने कहा कि आरोपी ने फर्जी एवं AI-जनरेटेड वीडियो अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर समाज में भ्रम फैलाने और देश के सर्वोच्च जनप्रतिनिधि की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ेंगे।
युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अनुकूल सोनी एवं कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध इस प्रकार की अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर फर्जी एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की हरकत करने का साहस न कर सके।
थाना पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत