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  • धर्म : चीताखेड़ा में आशुतोष के आंगन में पालनहार की बाल लीला, गोवर्धन पूजा का हुआ भव्य आयोजन

    HEMANT GUPTA   - नीमच
    धर्म
    धर्म   - नीमच[17-06-2026]
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  • रासलीला आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है --पं.कुलदीप शर्मा 

             
    चीताखेड़ा । स्थानीय माली मौहल्ले में स्थित आशुतोष के आंगन में सृष्टि के पालनहार की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन। श्रीमद् भागवत कथा को पूरे मनोभाव से श्रवण कर रहा श्रद्धालुओं का सैलाब।  माली समाज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा पंडाल में जिस समय गोवर्धन पूजा प्रसंग चल रहा था ठीक उसी दरमियान साक्षात इंद्रदेव भी क्रोधित हो गए और कुछ पल के लिए जमकर बारिश भी आ गई। कथा ज्ञान गंगा में सभी के तन-मन को भीगों दिया।कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय बना रहा। 
           कथा - व्यास पंडित कुलदीप शर्मा बांगरेड ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनमोहक  वर्णन करते हुए कहा कि बाल गोपाल - की लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, करुणा और धर्म का संदेश देती हैं। उन्होंने माखन चोरी, गोप-गोपियों के साथ बाल लीलाओं तथा इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने एवं छप्पन भोग की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। गोवर्धन पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि की कामना की। जिस समय कथा में गोवर्धन पूजा प्रसंग चल रहा था उसी समय कथा पंडाल में भी साक्षात इंद्रदेव भी बरस पड़े। कुछ पल के लिए व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई पर उपस्थित श्रद्धालुओं के तन-मन को भीगों दिया।
    *त्रिगुणात्मक प्रकृति के रूप में श्रीकृष्ण की तीन माताएं है*--
    पं. शर्मा ने मां की महत्ता बताते हुए कहा कि जोगुणी प्रकृति के रूप में जन्मदात्री देवकी मां जो सांसारिक माया ग्रह में केद है, सतयुगी प्रकृति रुप मां यशोदा है, जिनके वात्सल्य रुपी प्रेम रस को पीकर श्रीकृष्ण बड़े हुए। इसके विपरित एक गौर तमस रुपा प्रकृति भी शिशु भक्षक पूतना मां है,जिसे आत्मतत्व का प्रस्फुटित अंकुरण नहीं सुहाता और वह वात्सल्य का अमृत पिलाने के स्थान पर विषपान कराती हैं। यहां यह संदेश दिया जाता है कि प्रकृति का तमस तत्व चेतन तत्व के विकास को रोकने में असमर्थ हैं।
        कहा कि कृष्ण ने काल को भी जीत लिया था, वरना काल तो उनका जन्म जहां हुआ था वह काल कोठरी थी और उनके मामा कंस ने उनके पैदा नहीं होने और अगर पैदा हो भी जाए तो फिर मार देने की पुख्ता व्यवस्था करके रखी थी, लेकिन देखो कृष्ण पैदा भी  हुए और बार-बार आने वाली मृत्यु को उन्होंने भगाया भी । श्री कृष्ण का जीवन हर क्षण हमको यही प्रेरणा देता है कि जीवन को अनावश्यक भाव से जियो।

       *रासलीला की कथा कामलीला की कथा नहीं है*--
      पंडित कुलदीप शर्मा ने कहा कि जीवन को भगवान के साथ जोड़िए। भगवान हर मुसीबत में मदद करते हैं। भगवान कृष्ण ने ब्रज वासियों की रक्षा के लिए गिरिराज को धारण किया। जब इंद्रदेव के द्वारा मूसलाधार बारिश हुई तो भगवान स्वयं गिरिराज को उठाते हैं और बृजवासियों की रक्षा करते हैं, ईश्वर ही हम सब का सच्चा साथी हैं। भगवान कृष्ण ने सात दिवस तक सात कोस के बड़े भारी पर्वत को अपनी कनिष्टिका उंगली पर धारण किया। रासलीला की कथा कामलीला की कथा नहीं है। रासलीला आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है। यह जीवन और ब्रह्म के मिलन वाली कथा है। जैसे दूध और पानी दोनों एक हो जाते हैं, भक्त भगवान में अपना मन लगाएं तो ईश्वर रूप हो जाता है। कथा आयोजन के मुख्य यजमान घीसालाल (माली) एवं पारोलिया परिवार रहा। आयोजन में माली समाज के युवा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रतिदिन कथा प्रवचन सुबह 11:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक प्रवाहित की जा रही है।

    रिपोर्ट : दशरथ जी माली 







  • धर्म : चीताखेड़ा में आशुतोष के आंगन में पालनहार की बाल लीला, गोवर्धन पूजा का हुआ भव्य आयोजन

    HEMANT GUPTA   - नीमच
    धर्म
    धर्म   - नीमच[17-06-2026]
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    रासलीला आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है --पं.कुलदीप शर्मा 

             
    चीताखेड़ा । स्थानीय माली मौहल्ले में स्थित आशुतोष के आंगन में सृष्टि के पालनहार की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन। श्रीमद् भागवत कथा को पूरे मनोभाव से श्रवण कर रहा श्रद्धालुओं का सैलाब।  माली समाज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा पंडाल में जिस समय गोवर्धन पूजा प्रसंग चल रहा था ठीक उसी दरमियान साक्षात इंद्रदेव भी क्रोधित हो गए और कुछ पल के लिए जमकर बारिश भी आ गई। कथा ज्ञान गंगा में सभी के तन-मन को भीगों दिया।कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय बना रहा। 
           कथा - व्यास पंडित कुलदीप शर्मा बांगरेड ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनमोहक  वर्णन करते हुए कहा कि बाल गोपाल - की लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, करुणा और धर्म का संदेश देती हैं। उन्होंने माखन चोरी, गोप-गोपियों के साथ बाल लीलाओं तथा इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने एवं छप्पन भोग की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। गोवर्धन पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि की कामना की। जिस समय कथा में गोवर्धन पूजा प्रसंग चल रहा था उसी समय कथा पंडाल में भी साक्षात इंद्रदेव भी बरस पड़े। कुछ पल के लिए व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई पर उपस्थित श्रद्धालुओं के तन-मन को भीगों दिया।
    *त्रिगुणात्मक प्रकृति के रूप में श्रीकृष्ण की तीन माताएं है*--
    पं. शर्मा ने मां की महत्ता बताते हुए कहा कि जोगुणी प्रकृति के रूप में जन्मदात्री देवकी मां जो सांसारिक माया ग्रह में केद है, सतयुगी प्रकृति रुप मां यशोदा है, जिनके वात्सल्य रुपी प्रेम रस को पीकर श्रीकृष्ण बड़े हुए। इसके विपरित एक गौर तमस रुपा प्रकृति भी शिशु भक्षक पूतना मां है,जिसे आत्मतत्व का प्रस्फुटित अंकुरण नहीं सुहाता और वह वात्सल्य का अमृत पिलाने के स्थान पर विषपान कराती हैं। यहां यह संदेश दिया जाता है कि प्रकृति का तमस तत्व चेतन तत्व के विकास को रोकने में असमर्थ हैं।
        कहा कि कृष्ण ने काल को भी जीत लिया था, वरना काल तो उनका जन्म जहां हुआ था वह काल कोठरी थी और उनके मामा कंस ने उनके पैदा नहीं होने और अगर पैदा हो भी जाए तो फिर मार देने की पुख्ता व्यवस्था करके रखी थी, लेकिन देखो कृष्ण पैदा भी  हुए और बार-बार आने वाली मृत्यु को उन्होंने भगाया भी । श्री कृष्ण का जीवन हर क्षण हमको यही प्रेरणा देता है कि जीवन को अनावश्यक भाव से जियो।

       *रासलीला की कथा कामलीला की कथा नहीं है*--
      पंडित कुलदीप शर्मा ने कहा कि जीवन को भगवान के साथ जोड़िए। भगवान हर मुसीबत में मदद करते हैं। भगवान कृष्ण ने ब्रज वासियों की रक्षा के लिए गिरिराज को धारण किया। जब इंद्रदेव के द्वारा मूसलाधार बारिश हुई तो भगवान स्वयं गिरिराज को उठाते हैं और बृजवासियों की रक्षा करते हैं, ईश्वर ही हम सब का सच्चा साथी हैं। भगवान कृष्ण ने सात दिवस तक सात कोस के बड़े भारी पर्वत को अपनी कनिष्टिका उंगली पर धारण किया। रासलीला की कथा कामलीला की कथा नहीं है। रासलीला आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है। यह जीवन और ब्रह्म के मिलन वाली कथा है। जैसे दूध और पानी दोनों एक हो जाते हैं, भक्त भगवान में अपना मन लगाएं तो ईश्वर रूप हो जाता है। कथा आयोजन के मुख्य यजमान घीसालाल (माली) एवं पारोलिया परिवार रहा। आयोजन में माली समाज के युवा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रतिदिन कथा प्रवचन सुबह 11:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक प्रवाहित की जा रही है।

    रिपोर्ट : दशरथ जी माली 





  • धर्म: चीताखेड़ा में कथा पंडाल बना गोकुल धाम, धूमधाम से मनाया भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव....

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    धर्म   - नीमच[16-06-2026]
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  • धर्म: चीताखेड़ा में कथा पंडाल बना गोकुल धाम, धूमधाम से मनाया भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव....

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    धर्म   - नीमच[16-06-2026]
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  • धर्म: कुत्तों को दुलार और गोमाता को दुत्कार, कुत्ते को पलंग पर और गोमाता को सड़क पर - पं.कुलदिप शर्मा

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    धर्म   - नीमच[15-06-2026]
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  • धर्म: कुत्तों को दुलार और गोमाता को दुत्कार, कुत्ते को पलंग पर और गोमाता को सड़क पर - पं.कुलदिप शर्मा

    कुत्तों को दुलार और गोमाता को दुत्कार, कुत्ते को पलंग पर और गोमाता को सड़क पर - पं.कुलदिप शर्मा
    धर्म   - नीमच[15-06-2026]
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  • हमें जन्म देने वाली माता सिर्फ 6 माह तक दूध पिलाती है, और गोमाता सालों तक : पंडित कुलदीप शर्मा

    हमें जन्म देने वाली माता सिर्फ 6 माह तक दूध पिलाती है, और गोमाता सालों तक :
    धर्म   - नीमच[14-06-2026]
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  • हमें जन्म देने वाली माता सिर्फ 6 माह तक दूध पिलाती है, और गोमाता सालों तक : पंडित कुलदीप शर्मा

     पंडित कुलदीप शर्मा
    धर्म   - नीमच[14-06-2026]
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  • धर्म: चीताखेड़ा में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवाह शुरू....माता-पिता का दर्जा ब्रह्म , विष्णु और महेश से भी ऊपर है - पंडित कुलदीप शर्मा

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    धर्म   - नीमच[13-06-2026]
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  • धर्म: चीताखेड़ा में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवाह शुरू....माता-पिता का दर्जा ब्रह्म , विष्णु और महेश से भी ऊपर है - पंडित कुलदीप शर्मा

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  • धर्म: चीताखेड़ा में पंडित कुलदीप शर्मा की श्रीमद्भागवत कथा आज से, शनिवार को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

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    धर्म   - नीमच[12-06-2026]
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  • धर्म: चीताखेड़ा में पंडित कुलदीप शर्मा की श्रीमद्भागवत कथा आज से, शनिवार को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

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  • धर्म: यज्ञ में आहुतियां देकर सर्वकल्याण की कामना, रासलीला में बालकृष्ण की लीलाओं ने मोहा मन

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    धर्म   - भीलवाड़ा[11-06-2026]
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  • धर्म: यज्ञ में आहुतियां देकर सर्वकल्याण की कामना, रासलीला में बालकृष्ण की लीलाओं ने मोहा मन

    यज्ञ में आहुतियां देकर सर्वकल्याण की कामना, रासलीला में बालकृष्ण की लीलाओं ने मोहा मन
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  • पुत्र मोह में मां अपनी सुन्दरता खो देती है, और वहीं बेटा पत्नी की सुंदरता के मोह में मां को त्याग देता है : पं.निरंजन शर्मा

    पुत्र मोह में मां अपनी सुन्दरता खो देती है, और वहीं बेटा पत्नी की सुंदरता के मोह में मां को त्याग देता है :
    धर्म   - नीमच[30-05-2026]
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     पं.निरंजन शर्मा
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  • धर्म: बकरा ईद पर जैन समाज ने मनाया करुणा दिवस, 70 श्रावक, श्राविकाओं ने किए आयंबिल

    धर्म:
    धर्म   - नीमच[29-05-2026]
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  • धर्म: बकरा ईद पर जैन समाज ने मनाया करुणा दिवस, 70 श्रावक, श्राविकाओं ने किए आयंबिल

    बकरा ईद पर जैन समाज ने मनाया करुणा दिवस, 70 श्रावक, श्राविकाओं ने किए आयंबिल
    धर्म   - नीमच[29-05-2026]
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  • सच्ची मित्रता प्रेम और विश्वास की अमिट डोर, गुरु बिना जीवन अधूरा : पं. डॉ. बबलू वैष्णव

    सच्ची मित्रता प्रेम और विश्वास की अमिट डोर, गुरु बिना जीवन अधूरा :
    धर्म   - नीमच[27-05-2026]
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  • सच्ची मित्रता प्रेम और विश्वास की अमिट डोर, गुरु बिना जीवन अधूरा : पं. डॉ. बबलू वैष्णव

     पं. डॉ. बबलू वैष्णव
    धर्म   - नीमच[27-05-2026]
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  • धर्म: आरोग्य देवी आवरी माताजी मंदिर परिसर में बह रही श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा

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    धर्म   - नीमच[26-05-2026]
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  • धर्म: आरोग्य देवी आवरी माताजी मंदिर परिसर में बह रही श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा

    आरोग्य देवी आवरी माताजी मंदिर परिसर में बह रही श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा
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  • धर्म: जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विभिन्न रुपों में अवतार लेकर है* - पं. डॉ. बबलू वैष्णव

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    धर्म   - नीमच[25-05-2026]
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  • धर्म: जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विभिन्न रुपों में अवतार लेकर है* - पं. डॉ. बबलू वैष्णव

    जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विभिन्न रुपों में अवतार लेकर है* - पं. डॉ. बबलू वैष्णव
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  • धर्म: गौमाता में सबसे अधिक पवित्रता, निष्काम भक्ति ही परम धर्म – पं. डॉ. बबलू वैष्णव

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    धर्म   - नीमच[24-05-2026]
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  • धर्म: गौमाता में सबसे अधिक पवित्रता, निष्काम भक्ति ही परम धर्म – पं. डॉ. बबलू वैष्णव

    गौमाता में सबसे अधिक पवित्रता, निष्काम भक्ति ही परम धर्म – पं. डॉ. बबलू वैष्णव
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  • मांस और मदिरा का सेवन करने वाला राक्षस समान : पं. बबलू वैष्णव

    मांस और मदिरा का सेवन करने वाला राक्षस समान :
    धर्म   - नीमच[22-05-2026]
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     पं. बबलू वैष्णव
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  • धर्म: शनिदेव के दरबार में सुन्दरकाण्ड पाठ, कल 16 को होगा पंचकुंडीय यज्ञ हवन, शनिदेव जन्मोत्सव, भंडारा

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    धर्म   - नीमच[15-05-2026]
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    शनिदेव के दरबार में सुन्दरकाण्ड पाठ, कल 16 को होगा पंचकुंडीय यज्ञ हवन, शनिदेव जन्मोत्सव, भंडारा
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  • धर्म: दुर्लभ संयोग के बीच मनाया जाएगा न्याय के देवता शनिदेव का जन्मोत्सव

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    धर्म   - नीमच[12-05-2026]
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