रिंगनोद / रतलाम
रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रतलाम पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस चौकी माननखेड़ा, थाना रिंगनोद की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3 किलो 150 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 6 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री विवेक कुमार लाल तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी जावरा श्री संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रिंगनोद निरीक्षक आनंद सिंह आजाद के नेतृत्व में यह कार्रवाई अंजाम दी गई।
मुखबिर की सूचना पर फोरलेन पर की घेराबंदी
दिनांक 1 जून 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक MP-14-NG-1255 से जडवास के कच्चे रास्ते से अफीम लेकर आ रहा है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी माननखेड़ा उप निरीक्षक राजेश मालवीय के नेतृत्व में टीम ने माननखेड़ा चौकी के सामने फोरलेन मार्ग पर घेराबंदी की।
एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए संदिग्ध वाहन को रोका गया और तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 3.15 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।
मंदसौर निवासी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से जितेन्द्र पिता विष्णु प्रसाद राठौर (32 वर्ष), निवासी सरसोद, थाना दलौदा, जिला मंदसौर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से बरामद अफीम के स्रोत एवं तस्करी नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासों की उम्मीद है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, उप निरीक्षक राजेश मालवीय, प्रधान आरक्षक 658 हर्षवर्धन सिंह जगावत, आरक्षक 801 घनश्याम कुमावत, आरक्षक 895 संतोष कुमार, आरक्षक 1156 अनिल डांगी, सैनिक 1149 सुरेश उपाध्याय, सैनिक 1058 जालम सिंह तथा सैनिक 82 शांतिलाल बामनिया की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से यह साफ संदेश गया है कि नशे के सौदागरों के लिए रतलाम जिला अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा और पुलिस उनके खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रही है।
Crime reporter Jitendra Kumawat