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सुसनेर: मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन बुधवार को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों के विनियमितीकरण और सामाजिक योजनाओं को लेकर सदन में जोरदार बहस छिड़ गई। भैरो सिंह बापू ने परिषद् के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी की मांग की। वहीं उमाकांत शर्मा ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों और नवांकुर संगठनों को दिए जा रहे आर्थिक सहयोग का पूरा लेखा-जोखा सदन में मांगा। 76 दैनिक वेतनभोगी घोषित हुए स्थायी कर्मी प्रश्न क्रमांक 2727 के तहत विधायक भैरो सिंह बापू ने पूछा कि परिषद् में कितने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को किस नियम के तहत विनियमित किया गया है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या 10 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को भी नियमित किया गया है। इस पर उप मुख्यमंत्री एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा ने जवाब देते हुए बताया कि परिषद् में 76 दैनिक वेतनभोगियों को सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3, दिनांक 07 अक्टूबर 2016 के तहत स्थायी कर्मी घोषित किया गया है। कर्मचारियों के नाम, नियुक्ति तिथि व अन्य विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुसार उपलब्ध कराए गए हैं। 10 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी परिशिष्ट में उपलब्ध कराई गई है। सामाजिक योजनाओं और खर्च पर मांगा गया पूरा ब्यौरा प्रश्न क्रमांक 2519 के माध्यम से विधायक उमाकांत शर्मा ने विदिशा जिले में परिषद् द्वारा संचालित सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लागू योजनाओं, नवांकुर संगठनों की संख्या, उन्हें दिए गए आर्थिक सहयोग तथा पिछले वित्तीय वर्षों में आवंटित और व्यय राशि की जानकारी मांगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, सामाजिक समरसता प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम, छात्र पंजीयन, परीक्षा परिणाम, रोजगार उपलब्धता, परामर्शदाताओं की चयन प्रक्रिया और मानदेय भुगतान से जुड़े मुद्दे भी उठाए। मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता प्रशिक्षण से 35 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। अन्य बिंदुओं की जानकारी पुस्तकालय में उपलब्ध परिशिष्ट के अनुसार दी गई है। पारदर्शिता और जवाबदेही पर तेज हुई सियासी बहस सदन में उठे इन प्रश्नों के बाद जन अभियान परिषद् की कार्यप्रणाली, वित्तीय पारदर्शिता और कर्मचारियों के हितों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भैरो सिंह बापू द्वारा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाए जाने को क्षेत्र में सराहा जा रहा है, वहीं उमाकांत शर्मा द्वारा योजनाओं और आर्थिक प्रबंधन पर सवाल खड़े किए जाने से परिषद् की जवाबदेही पर सियासी बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट: अर्पित हरदेनिया |