• होम
  • वीडियो
  • सर्च
  • ई-पेपर
  • Contact
× Avatar
Forgot password?
  • देशदेश
  • विदेशविदेश
  • राज्यराज्य
  • शहरशहर
  • मंडी भावमंडी भाव
  • व्यापारव्यापार
  • धर्मधर्म
  • खेलखेल
  • सुप्रभातसुप्रभात
  • चुनावचुनाव
  • मनोरंजनमनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी समाचारटेक्नोलॉजी समाचार
  • संपादकीयसंपादकीय
  • देशदेश
  • विदेशविदेश
  • राज्यराज्य
  • शहरशहर
  • मंडी भावमंडी भाव
  • व्यापारव्यापार
  • धर्मधर्म
  • खेलखेल
  • सुप्रभातसुप्रभात
  • चुनावचुनाव
  • मनोरंजनमनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी समाचारटेक्नोलॉजी समाचार
  • संपादकीयसंपादकीय
  • होम
  • वीडियो
  • सर्च
  • ई-पेपर
  • Contact
  • देश : वंदे मातरम् के चार अंतरों पर क्यों है विवाद? जानिए पूरी कहानी

    HEMANT GUPTA   - नीमच
    देश
    देश   - नीमच[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • नई दिल्ली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर एक बार फिर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उसके कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का यह रुख वर्ष 1937 में लिए गए उसके पुराने निर्णय पर आधारित है। वहीं भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इस निर्णय की आलोचना की जा रही है।

    वंदे मातरम् मूल रूप से छह अंतरों की रचना है। इसके शुरुआती दो अंतरों में भारतभूमि की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली, समृद्धि और मातृभूमि के प्रति प्रेम का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। यही दो अंतरे आज सार्वजनिक रूप से सबसे अधिक प्रचलित हैं।

    पहले दो अंतरों में क्या है?

    पहले अंतरे में मातृभूमि को सुजलाम-सुफलाम, हरियाली से भरपूर और शीतल वायु वाली धरती के रूप में नमन किया गया है। दूसरे अंतरे में चांदनी रात, फूलों से सजे वृक्ष, मधुर भाषा बोलने वाली और सुख-समृद्धि देने वाली मातृभूमि का सुंदर चित्रण किया गया है।

    इन दोनों अंतरों में प्रकृति और मातृभूमि की सुंदरता का भाव प्रमुख है।

    बाकी चार अंतरों में क्या है?

    वंदे मातरम् के तीसरे अंतरे से रचना का स्वर अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक हो जाता है। इसमें मातृभूमि को शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक बताया गया है। करोड़ों देशवासियों की शक्ति और उनकी भुजाओं के पराक्रम का उल्लेख करते हुए मातृभूमि की महिमा का वर्णन किया गया है।

    चौथे अंतरे में भारत माता का देवी स्वरूप सामने आता है। इसमें मातृभूमि की तुलना दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती जैसे देवी स्वरूपों से की गई है। यही वह हिस्सा है जिसे लेकर धार्मिक प्रतीकों के कारण लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा होती रही है।

    पांचवें और छठे अंतरों में भी मातृभूमि की स्तुति, उसके पवित्र एवं ज्ञानमय स्वरूप और उसके प्रति समर्पण का भाव आगे बढ़ता है।

    1937 में क्यों चुने गए केवल दो अंतरे?

    कांग्रेस का कहना है कि वर्ष 1937 में सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए वंदे मातरम् के पहले दो अंतरों को इसलिए स्वीकार किया गया था, क्योंकि इनमें धार्मिक प्रतीकों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और इन्हें सभी समुदायों के लिए अधिक स्वीकार्य माना गया।

    कांग्रेस अब इसी पुराने निर्णय का हवाला देते हुए अपने कार्यक्रमों में पहले दो अंतरे गाने की नीति पर कायम है।

    विवाद आखिर है किस बात पर?

    विवाद केवल गीत गाने या न गाने का नहीं, बल्कि वंदे मातरम् के मूल स्वरूप और उसके कितने हिस्से को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाए, इस बात का है।

    कांग्रेस का पक्ष है कि पहले दो अंतरे राष्ट्रीय एकता और सभी वर्गों की स्वीकार्यता के लिहाज से उपयुक्त हैं। दूसरी ओर भाजपा और केंद्र सरकार का तर्क है कि वंदे मातरम् एक ऐतिहासिक राष्ट्रगीत है और उसकी मूल रचना के साथ किसी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए।

    इस पूरे विवाद को समझने के लिए यह अंतर करना जरूरी है कि कांग्रेस वंदे मातरम् के चार अंतरों को मूल रचना से हटाने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में पहले दो अंतरों को ही गाने की अपनी पुरानी नीति पर कायम है।

    राष्ट्र के नाम एक विचार

    वंदे मातरम् केवल कुछ पंक्तियों का गीत नहीं है। यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसने लाखों भारतीयों में देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई।

    आज जब इसके अंतरों को लेकर राजनीतिक बहस हो रही है, तब आवश्यकता इस बात की है कि इस ऐतिहासिक रचना को केवल राजनीतिक विवाद के चश्मे से न देखा जाए। इसके साहित्यिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को समझते हुए स्वस्थ एवं तथ्यपूर्ण चर्चा हो।


    SSE NEWS 
    विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, राजनीतिक मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्र की एकता सर्वोपरि रहनी चाहिए। यही वंदे मातरम् की मूल भावना को सच्चा सम्मान होगा।

    वंदे मातरम्।







  • देश : वंदे मातरम् के चार अंतरों पर क्यों है विवाद? जानिए पूरी कहानी

    HEMANT GUPTA   - नीमच
    देश
    देश   - नीमच[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp

    नई दिल्ली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर एक बार फिर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उसके कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का यह रुख वर्ष 1937 में लिए गए उसके पुराने निर्णय पर आधारित है। वहीं भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इस निर्णय की आलोचना की जा रही है।

    वंदे मातरम् मूल रूप से छह अंतरों की रचना है। इसके शुरुआती दो अंतरों में भारतभूमि की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली, समृद्धि और मातृभूमि के प्रति प्रेम का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। यही दो अंतरे आज सार्वजनिक रूप से सबसे अधिक प्रचलित हैं।

    पहले दो अंतरों में क्या है?

    पहले अंतरे में मातृभूमि को सुजलाम-सुफलाम, हरियाली से भरपूर और शीतल वायु वाली धरती के रूप में नमन किया गया है। दूसरे अंतरे में चांदनी रात, फूलों से सजे वृक्ष, मधुर भाषा बोलने वाली और सुख-समृद्धि देने वाली मातृभूमि का सुंदर चित्रण किया गया है।

    इन दोनों अंतरों में प्रकृति और मातृभूमि की सुंदरता का भाव प्रमुख है।

    बाकी चार अंतरों में क्या है?

    वंदे मातरम् के तीसरे अंतरे से रचना का स्वर अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक हो जाता है। इसमें मातृभूमि को शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक बताया गया है। करोड़ों देशवासियों की शक्ति और उनकी भुजाओं के पराक्रम का उल्लेख करते हुए मातृभूमि की महिमा का वर्णन किया गया है।

    चौथे अंतरे में भारत माता का देवी स्वरूप सामने आता है। इसमें मातृभूमि की तुलना दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती जैसे देवी स्वरूपों से की गई है। यही वह हिस्सा है जिसे लेकर धार्मिक प्रतीकों के कारण लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा होती रही है।

    पांचवें और छठे अंतरों में भी मातृभूमि की स्तुति, उसके पवित्र एवं ज्ञानमय स्वरूप और उसके प्रति समर्पण का भाव आगे बढ़ता है।

    1937 में क्यों चुने गए केवल दो अंतरे?

    कांग्रेस का कहना है कि वर्ष 1937 में सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए वंदे मातरम् के पहले दो अंतरों को इसलिए स्वीकार किया गया था, क्योंकि इनमें धार्मिक प्रतीकों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और इन्हें सभी समुदायों के लिए अधिक स्वीकार्य माना गया।

    कांग्रेस अब इसी पुराने निर्णय का हवाला देते हुए अपने कार्यक्रमों में पहले दो अंतरे गाने की नीति पर कायम है।

    विवाद आखिर है किस बात पर?

    विवाद केवल गीत गाने या न गाने का नहीं, बल्कि वंदे मातरम् के मूल स्वरूप और उसके कितने हिस्से को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाए, इस बात का है।

    कांग्रेस का पक्ष है कि पहले दो अंतरे राष्ट्रीय एकता और सभी वर्गों की स्वीकार्यता के लिहाज से उपयुक्त हैं। दूसरी ओर भाजपा और केंद्र सरकार का तर्क है कि वंदे मातरम् एक ऐतिहासिक राष्ट्रगीत है और उसकी मूल रचना के साथ किसी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए।

    इस पूरे विवाद को समझने के लिए यह अंतर करना जरूरी है कि कांग्रेस वंदे मातरम् के चार अंतरों को मूल रचना से हटाने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में पहले दो अंतरों को ही गाने की अपनी पुरानी नीति पर कायम है।

    राष्ट्र के नाम एक विचार

    वंदे मातरम् केवल कुछ पंक्तियों का गीत नहीं है। यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसने लाखों भारतीयों में देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई।

    आज जब इसके अंतरों को लेकर राजनीतिक बहस हो रही है, तब आवश्यकता इस बात की है कि इस ऐतिहासिक रचना को केवल राजनीतिक विवाद के चश्मे से न देखा जाए। इसके साहित्यिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को समझते हुए स्वस्थ एवं तथ्यपूर्ण चर्चा हो।


    SSE NEWS 
    विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, राजनीतिक मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्र की एकता सर्वोपरि रहनी चाहिए। यही वंदे मातरम् की मूल भावना को सच्चा सम्मान होगा।

    वंदे मातरम्।





  • देश: जीरन महाविद्यालय में स्वच्छता अभियान

    देश:
    देश   - नीमच[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जीरन महाविद्यालय में स्वच्छता अभियान

    जीरन महाविद्यालय में स्वच्छता अभियान
    देश   - नीमच[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: पिपलौदा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर-विधायक, बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई भी परखी सिविल अस्पताल से लेकर दिव्यांग छात्रावास, सांदीपनि विद्यालय, कॉलेज और आईटीआई तक निरीक्षण; अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश...

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: पिपलौदा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर-विधायक, बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई भी परखी सिविल अस्पताल से लेकर दिव्यांग छात्रावास, सांदीपनि विद्यालय, कॉलेज और आईटीआई तक निरीक्षण; अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश...

    पिपलौदा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर-विधायक, बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई भी परखी सिविल अस्पताल से लेकर दिव्यांग छात्रावास, सांदीपनि विद्यालय, कॉलेज और आईटीआई तक निरीक्षण; अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश...
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: सैलाना ( नारायणगढ़ नयापाड़ा ) विद्यालय में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बच्चों ने लगाए हर्बल पौधे और निकाली जागरूकता रैली...

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: सैलाना ( नारायणगढ़ नयापाड़ा ) विद्यालय में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बच्चों ने लगाए हर्बल पौधे और निकाली जागरूकता रैली...

    सैलाना ( नारायणगढ़ नयापाड़ा ) विद्यालय में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बच्चों ने लगाए हर्बल पौधे और निकाली जागरूकता रैली...
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जन-विश्वास अभियान में ग्रामीणों की समस्याओं पर सीधा संवाद, निराकरण के दिए निर्देश....

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जन-विश्वास अभियान में ग्रामीणों की समस्याओं पर सीधा संवाद, निराकरण के दिए निर्देश....

    जन-विश्वास अभियान में ग्रामीणों की समस्याओं पर सीधा संवाद, निराकरण के दिए निर्देश....
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: दो पटवारियों के निलंबन पर भड़का पटवारी संघ, 500 से ज्यादा पटवारी कार्य बहिष्कार पर; दूसरे दिन भी गुलाब चक्कर में धरना जारी....

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: दो पटवारियों के निलंबन पर भड़का पटवारी संघ, 500 से ज्यादा पटवारी कार्य बहिष्कार पर; दूसरे दिन भी गुलाब चक्कर में धरना जारी....

    दो पटवारियों के निलंबन पर भड़का पटवारी संघ, 500 से ज्यादा पटवारी कार्य बहिष्कार पर; दूसरे दिन भी गुलाब चक्कर में धरना जारी....
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • बाजना में भावपूर्ण विदाई: पूज्य साध्वीवर्या सौम्ययशा श्रीजी म.सा. की देह पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब....

    बाजना में भावपूर्ण विदाई:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • बाजना में भावपूर्ण विदाई: पूज्य साध्वीवर्या सौम्ययशा श्रीजी म.सा. की देह पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब....

     पूज्य साध्वीवर्या सौम्ययशा श्रीजी म.सा. की देह पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब....
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जावरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 100 किलो मावा जब्त... मिलावट की आशंका पर महावीर मावा भंडार से मावे के दो नमूने लिए, राजस्थान स्वीट्स एंड नमकीन से कलाकंद और सेव नमकीन के सैंपल जांच के लिए भेजे

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जावरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 100 किलो मावा जब्त... मिलावट की आशंका पर महावीर मावा भंडार से मावे के दो नमूने लिए, राजस्थान स्वीट्स एंड नमकीन से कलाकंद और सेव नमकीन के सैंपल जांच के लिए भेजे

    जावरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 100 किलो मावा जब्त... मिलावट की आशंका पर महावीर मावा भंडार से मावे के दो नमूने लिए, राजस्थान स्वीट्स एंड नमकीन से कलाकंद और सेव नमकीन के सैंपल जांच के लिए भेजे
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: गढ़कैलाश में पहली बार सावन में गूंजा पुरुष गरबा, महादेव भक्ति में झूम उठा रतलाम....

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: गढ़कैलाश में पहली बार सावन में गूंजा पुरुष गरबा, महादेव भक्ति में झूम उठा रतलाम....

    गढ़कैलाश में पहली बार सावन में गूंजा पुरुष गरबा, महादेव भक्ति में झूम उठा रतलाम....
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: चेक बाउंस मामले में आसिफ हुसैन को झटका, एक साल की सजा बरकरार; अपील खारिज, गिरफ्तारी वारंट के निर्देश...

    देश:
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: चेक बाउंस मामले में आसिफ हुसैन को झटका, एक साल की सजा बरकरार; अपील खारिज, गिरफ्तारी वारंट के निर्देश...

    चेक बाउंस मामले में आसिफ हुसैन को झटका, एक साल की सजा बरकरार; अपील खारिज, गिरफ्तारी वारंट के निर्देश...
    देश   - रतलाम[21-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: वंदे मातरम् के चार अंतरों पर क्यों है विवाद? जानिए पूरी कहानी

    देश:
    देश   - नीमच[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: वंदे मातरम् के चार अंतरों पर क्यों है विवाद? जानिए पूरी कहानी

    वंदे मातरम् के चार अंतरों पर क्यों है विवाद? जानिए पूरी कहानी
    देश   - नीमच[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: *ग्राम पंचायत कयामपुर वितीय एव्ं प्रशासनिक अनीयमिताओ भृष्टाचार शासकीय नियमो के उल्लंघन तथा पंचायत अभिलेखों की जाँच की मांग की गई लगातार चार दीन से जारी है धरना प्रददर्शन*

    देश:
    देश   - मंदसौर[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: *ग्राम पंचायत कयामपुर वितीय एव्ं प्रशासनिक अनीयमिताओ भृष्टाचार शासकीय नियमो के उल्लंघन तथा पंचायत अभिलेखों की जाँच की मांग की गई लगातार चार दीन से जारी है धरना प्रददर्शन*

    *ग्राम पंचायत कयामपुर  वितीय एव्ं प्रशासनिक अनीयमिताओ  भृष्टाचार शासकीय नियमो के उल्लंघन तथा पंचायत अभिलेखों की जाँच की मांग की गई  लगातार चार दीन से जारी है धरना प्रददर्शन*
    देश   - मंदसौर[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जिला चिकित्सालय को आवश्यक चिकित्सा सामग्री एवं 12 हस्तनिर्मित तकिए भेंट...

    देश:
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: जिला चिकित्सालय को आवश्यक चिकित्सा सामग्री एवं 12 हस्तनिर्मित तकिए भेंट...

    जिला चिकित्सालय को आवश्यक चिकित्सा सामग्री एवं 12 हस्तनिर्मित तकिए भेंट...
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: डोसी गांव की ओरा पैलेस कॉलोनी में 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिला शव

    देश:
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: डोसी गांव की ओरा पैलेस कॉलोनी में 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिला शव

    डोसी गांव की ओरा पैलेस कॉलोनी में 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिला शव
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: रतलाम में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, 10 मोटरसाइकिलें बरामद स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नीमच के दो शातिर चोर गिरफ्तार; मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वारदातें करना कबूला

    देश:
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: रतलाम में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, 10 मोटरसाइकिलें बरामद स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नीमच के दो शातिर चोर गिरफ्तार; मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वारदातें करना कबूला

    रतलाम में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, 10 मोटरसाइकिलें बरामद स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नीमच के दो शातिर चोर गिरफ्तार; मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वारदातें करना कबूला
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: सब्जी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थान की मांग, पुरानी फूल मंडी में स्थानांतरण का विरोध....

    देश:
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • देश: सब्जी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थान की मांग, पुरानी फूल मंडी में स्थानांतरण का विरोध....

    सब्जी विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थान की मांग, पुरानी फूल मंडी में स्थानांतरण का विरोध....
    देश   - रतलाम[20-08-2026]
    • Facebook
    • Twitter
    • WhatsApp
    Facebook Twitter WhatsApp
  • LoginLogin