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रतलाम। स्थानीय अमर वाटिका में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्री गौ कथा एवं दिव्य दरबार के पंचम दिवस पर गौ क्रांतिकारी संत श्री गौ शरणानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को पूर्ण रूप से हरि को समर्पित कर देता है और हरि के लिए जीवन जीता है, वही वास्तविक अर्थों में सच्चा भक्त होता है। ऐसा व्यक्ति जीवनभर प्रसन्न, निडर और संतुष्ट रहता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य तन, मन और धन को भगवान को समर्पित कर देता है, तब उसके प्रत्येक कर्म पूजा बन जाते हैं। शरणागति का अर्थ है – मैं तेरा हूं, तू संभाल। इस भाव से जीने वाले भक्त को संसार की कोई भी शक्ति पराजित नहीं कर सकती। जीवन में कठिनाइयां अवश्य आती हैं, लेकिन हरि स्वयं उसके लिए मार्ग प्रशस्त करते हैं। संत श्री ने कहा कि हरि और गौ माता एक-दूसरे के पूरक हैं। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं गौपाल कहलाए हैं। जहां हरि का भजन होता है, वहां गौ माता की कृपा स्वतः बरसती है और जहां गौ सेवा होती है, वहां स्वयं भगवान का वास होता है। इसलिए गौ सेवा ही सच्चा हरि भजन है। गौ माता के नाम का कीर्तन और उनकी सेवा करने से भगवान भी अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, निगम अध्यक्षा मनीषा शर्मा, हिन्दू जन चेतना मंच के राजेश कटारिया, एडवोकेट नीरज सक्सेना तथा जसवंत कोठारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सावरिया मंदिर महिला मंडल की सागर देवी, कृष्णा देवी, मालिकुवा महिला मंडल की नैना देवी पटेल, तुलसी पटेल, भगवताचार्य पं. कपिल शर्मा एवं उनकी संस्था आप और हम की महिला सदस्य समता गोयल, डाली भारती सहित अनेक महिलाओं ने व्यासपीठ पर विराजित संत श्री का अभिनंदन किया। वहीं वाघेला गोसेवा समिति के दिनेश वाघेला, बाबूलाल सिसोदिया, विश्व हिन्दू परिषद के मन्नू कुशवाह, योगेश जी, माली समाज के अध्यक्ष बाबूलाल भभाण, फूल मंडी अध्यक्ष तेजपाल रैना तथा दामु पटेल ने भी संत श्री का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा विश्राम के पश्चात श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में गौ माता की महाआरती संपन्न हुई। आरती में राधेश्याम शर्मा, अशोक देवड़ा, भारती यादव, प्रेमलता देवड़ा, सत्यनारायण पटेल, मदनलाल लखा, हिम्मत मॉयल, श्यामसुंदर सोनी, हेमंत शर्मा, गोपाल सोलंकी, राम जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया। कथा स्थल पर पूरे समय भक्ति, गौ सेवा और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। |