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चीताखेड़ा गांव में आज बुधवार शाम एक सूने मकान में अचानक लगी भीषण आग ने एक गरीब मजदूर परिवार की वर्षों की मेहनत और सपनों को राख में बदल दिया। आग की इस भयावह घटना में बेटी की शादी के लिए बड़ी मुश्किलों से जोड़े गए 70 हजार रुपए नगद सहित घरेलू उपयोग का लाखों रुपए मूल्य का सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार परिवार को करीब डेढ़ लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। मजदूरी पर गया था परिवार, पीछे से भड़क उठी आग जानकारी के अनुसार गांव निवासी सिराज पिता नसीरुद्दीन शाह रोजाना की तरह मजदूरी करने बाहर गए हुए थे। शाम करीब 6 बजे उनका मकान पूरी तरह सूना था। इसी दौरान अज्ञात कारणों से घर में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घर के पास मौजूद वृद्ध माता-पिता आग की लपटें देखकर भी उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण कुछ नहीं कर सके। धुएं का गुबार देख दौड़ा पड़ोसी, बन गया संकटमोचक मकान से उठते धुएं और आग की लपटों को देखकर पड़ोसी युवक अभिषेक जुणी तत्काल मौके पर पहुंचा। उसने बिना अपनी जान की परवाह किए घर का दरवाजा खोला और अन्य ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान घर में रखा गैस सिलेंडर किसी बड़े खतरे का कारण बन सकता था। अभिषेक ने साहस का परिचय देते हुए धधकती आग के बीच से सिलेंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे संभावित विस्फोट और बड़ी जनहानि टल गई। राख में तब्दील हो गए बेटी के विवाह के सपने आग की चपेट में आकर घर में रखा फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर, कपड़े तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो गए। सबसे अधिक पीड़ा परिवार को उस समय हुई जब बेटी के विवाह के लिए बड़ी मेहनत से जमा किए गए 70 हजार रुपए नगद भी आग में जल गए। इस घटना से गरीब मजदूर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन ने लिया घटनास्थल का जायजा घटना की सूचना मिलते ही मोजा पटवारी संदेश चैलावत मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन करते हुए पंचनामा तैयार किया। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित परिवार को शासन की ओर से यथासंभव सहायता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मानवीय संवेदनाओं को झकझोर गई घटना एक ओर जहां आग ने गरीब परिवार की वर्षों की कमाई और बेटी के विवाह के सपनों को राख में बदल दिया, वहीं दूसरी ओर युवक अभिषेक जुणी की साहसिक भूमिका ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। ग्रामीणों ने उनके साहस और तत्परता की सराहना करते हुए उन्हें गांव का वास्तविक नायक बताया। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |