हरवार ।कहते हैं “माँ के कदमों में जन्नत होती है” और “ममता वो दरिया है, जो हर डर को बहा ले जाती है।” मध्यप्रदेश के नीमच जिले के हरवार गाँव से गुरुवार, 28 मई 2026 को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने इंसानियत को भी आईना दिखा दिया। जिसने भी यह नजारा देखा, उसकी आँखें नम हो गईं और हर जुबान से बस यही निकला — “सलाम माँ तुझे सलाम!”
शोर-शराबे के बीच ममता का पहरा
हरवार गाँव में एक बाड़े में सामाजिक भोजन कार्यक्रम चल रहा था। हजारों लोग खाना खा रहे थे, बर्तनों की खनक से पूरा माहौल गूंज रहा था। लेकिन कहते हैं “जहाँ चाह, वहाँ राह” — उसी भीड़ और अफरा-तफरी के बीच एक टिटहरी अपने अंडों पर ऐसे बैठी रही जैसे कोई माँ अपने बच्चों पर आँच तक न आने दे।
जिस जगह लोगों की आवाजाही थी, ठीक वहीं जमीन पर टिटहरी ने अपना घोंसला बना रखा था। आमतौर पर इंसान को देखते ही उड़ जाने वाला यह पक्षी आज “चट्टान बनकर” अपने अंडों की रक्षा करता रहा।
“जान जाए पर बच्चे बच जाएं”
हजारों पैरों की धमक, कुचल जाने का खतरा और चारों तरफ शोर… लेकिन टिटहरी अपनी जगह से “टस से मस” नहीं हुई। उसने अपने पंख फैलाकर अंडों को ऐसे ढंक रखा था मानो मौत से दो-दो हाथ कर रही हो।
उसकी आँखों में डर जरूर था, लेकिन “ममता के आगे डर भी पानी भरता नजर आया।” यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया। लोगों ने कहा — “माँ चाहे इंसान की हो या परिंदे की, उसकी ममता का कोई मुकाबला नहीं।”
गाँव वालों ने निभाया इंसानियत का धर्म
जब ग्रामीणों की नजर इस बेजुबान माँ पर पड़ी तो उन्होंने भी “मानवता का फर्ज निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।” तुरंत टिटहरी और उसके अंडों की सुरक्षा के लिए वहां जाली लगा दी गई ताकि किसी का पैर उस पर न पड़ जाए।
गाँव वालों की इस पहल ने साबित कर दिया कि “इंसानियत अभी जिंदा है।” लोगों को उस जगह से दूर रहने की हिदायत दी गई और पूरे कार्यक्रम के दौरान उस माँ और उसके अंडों की सुरक्षा की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर “आग की तरह फैल रहा है।” लोग इसे मानवता, जीवदया और माँ की ममता की सबसे खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।
सच ही कहा गया है —
“माँ की ममता के आगे दुनिया का हर शोर फीका पड़ जाता है।”
विनोद सांवला हरवार