मंदसौर। जिले की पिपलियामंडी पुलिस ने दिनदहाड़े सूने मकानों के ताले तोड़कर नकबजनी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में 20 से अधिक अपराध कारित करने वाले 02 शातिर आदतन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर 100 से अधिक CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने ग्राम बालागुढ़ा और उमरिया में हुई चोरी की वारदातों का खुलासा कर कुल 5,62,150 का मश्रूका बरामद किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। आरोपी दिन के समय मोटरसाइकिल से मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में रेकी करते थे। सूना घर मिलते ही एक आरोपी ताला तोड़कर अंदर चोरी करने घुस जाता था, जबकि दूसरा बाहर बाइक पर बैठकर रेकी करता था। महज 15 मिनट के अंदर चोरी को अंजाम देकर दोनों मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार 27 सितंबर 2026 को फरियादी संदीप प्रजापत निवासी बालागुढ़ा और पन्नालाल मालवीय निवासी उमरिया के सूने मकानों का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा, एएसपी तेर सिंह बघेल और एसडीओपी पिंटू कुमार बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने क्षेत्र के करीब 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और साइबर सेल मंदसौर की तकनीकी मदद से दोनों आरोपियों को पहचान कर दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी मिथुन बाबू उर्फ अलताफ पिता नजीर शाह फकीर 38 वर्ष निवासी निम्बाहेड़ा, जिला चित्तौड़गढ़ राजस्थान, के खिलाफ मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट सहित कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं इजराईल उर्फ कालू मोहम्मद पिता इस्माईल खान 40 वर्ष निवासी छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ राजस्थान के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट, फॉरेस्ट एक्ट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम व चोरी के 07 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी के कब्जे से सोने चांदी के आभूषण व नगदी और घटना में प्रयुक्त वाहन बिना नंबर की होंडा शाइन बाइक सहित कुल 5,62,150 का मशरूम का बरामद किया है। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरी. विक्रम सिंह इवने व पुलिस टीम सहित जिला नीमच व चित्तौड़गढ़ पुलिस की साइबर टीम की मुख्य भूमिका रही।
रिपोर्ट: कमलेश शर्मा