रतलाम। रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प को मानव सेवा से जोड़ते हुए मानव सेवा समिति रक्त केंद्र में अनूठी एवं प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। यहां रक्त को सुरक्षित रखने वाली जीवनरक्षक मशीनों को रक्त केंद्र की सदस्य बहनों मधु जोशी एवं राजश्री राठौर ने विधि-विधान से रक्षा सूत्र बांधा। इस अवसर पर मिठाई का वितरण कर रक्षाबंधन पर्व की खुशियां साझा की गईं।
आयोजन का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार रक्तदान के माध्यम से किसी अनजान जरूरतमंद की जिंदगी बचाना भी मानवता की सच्ची रक्षा है।
पूर्व ब्लड बैंक प्रभारी गोविंद काकानी ने बताया कि इस अवसर पर मानव सेवा समिति के सचिव विवेक बक्षी, पूर्व रक्त केंद्र प्रभारी गोविंद काकानी, डॉ. इंदरमल मेहता, यश वाघेला एवं कैलाश डामोर सहित अन्य सेवाभावीजन उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन पर्व को और सार्थक बनाते हुए यश राठौड़, आदिश चपरोट एवं आगम चपरोट ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं ने अपने रक्त के माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा और किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा का संकल्प प्रस्तुत किया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को मानव सेवा समिति की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिस रक्त से किसी की जिंदगी बचे, वही सच्चा रक्षा सूत्र
गोविंद काकानी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह हर जरूरतमंद की रक्षा का संकल्प लेने का भी अवसर है। रक्तदान ऐसा कार्य है, जिसमें दानदाता किसी अनजान व्यक्ति के जीवन की रक्षा करता है। इसलिए रक्तदान भी रक्षा सूत्र के बंधन के समान है।
उन्होंने कहा कि रतलाम में स्वैच्छिक एवं सुरक्षित रक्तदान की परंपरा को मजबूत करने में रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज, दुर्घटना पीड़ित या जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है।
मानव सेवा समिति अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल सहित समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रक्षाबंधन के अवसर पर रक्तदान करने वाले युवाओं तथा स्वैच्छिक एवं सुरक्षित रक्तदान के माध्यम से रतलाम का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन करने में सहयोग करने वाले सभी साथियों को शुभकामनाएं दीं।
रक्षाबंधन पर बंधी राखी ने दिया बड़ा संदेश—रिश्तों की रक्षा के साथ रक्तदान से जिंदगी बचाना ही मानवता का सच्चा पर्व है।
रक्तदान भी रक्षा सूत्र के बंधन समान है—एक यूनिट रक्त भी किसी के जीवन की रक्षा कर सकता है। — गोविंद काकानी
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत