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समर्थकों का फूटा गुस्सा, विरोध के बीच नरोत्तम मिश्रा ने की शांति बनाए रखने की अपील भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री और छह बार के विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देकर संगठन से जुड़े नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस फैसले ने दतिया की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। भाजपा ने टिकट नहीं दिए जाने का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने इस बार संगठन को प्राथमिकता देते हुए नए चेहरे पर दांव लगाया है। साथ ही वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. मिश्रा की हार और स्थानीय स्तर पर नए राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति को भी इस फैसले के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। टिकट की घोषणा के बाद दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए, राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। कुछ स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने भी विरोध स्वरूप अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि बढ़ते विरोध के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने संयमित रुख अपनाया। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने, पार्टी के निर्णय का सम्मान करने और किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से बचने की अपील की। साथ ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करने का संदेश भी दिया। दतिया उपचुनाव को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे में पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि चुनावी रणनीति में संगठन और नए नेतृत्व को प्राथमिकता दी जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दतिया की जनता भाजपा के इस नए राजनीतिक दांव को कितना समर्थन देती है। |