रतलाम / सरवन। आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरवन पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस के "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक सुरक्षित जीवन" अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नगर एवं थाना क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर पहुंचकर साइबर सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर नागरिकों को जागरूक किया।
अभियान के दौरान आषाढ़ी चौराहा पैलेस चौराहा पुरानी चौकी बेडदा मार्ग चौराहा तथा टंकी चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों युवाओं महिलाओं किसानों वाहन चालकों और राहगीरों से संवाद किया गया। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने बताया कि साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करना बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजना ओटीपी और यूपीआई पिन मांगना सोशल मीडिया हैक करना फर्जी निवेश और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी जैसे नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी यूपीआई पिन एटीएम कार्ड नंबर सीवीवी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in� पर ऑनलाइन शिकायत करें ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी गई राशि को बचाया जा सके।
साइबर सुरक्षा के साथ थाना प्रभारी ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हृदयाघात या किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने की स्थिति में समय पर दिया गया सीपीआर किसी की जान बचा सकता है। आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर की जानकारी होना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है।
अभियान में किसानों और ग्रामीणों को कीटनाशक दवाइयों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई ताकि बच्चों और अन्य लोगों के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। साथ ही लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा गया कि किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं। जीवन अनमोल है और हर समस्या का समाधान बातचीत तथा उचित सलाह से निकाला जा सकता है।
सड़क सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग अवश्य करें। हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें और तेज गति तथा लापरवाही से वाहन न चलाएं।
इस दौरान पुलिस ने प्रदेश सरकार की राहगीर योजना की भी जानकारी दी। बताया गया कि यदि किसी सड़क दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल हो जाता है तो उसे बिना देर किए तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को सरकार की राहगीर योजना के तहत 25 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है और मदद करने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
इस जनजागरूकता अभियान में थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के साथ उप निरीक्षक प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक भी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने नागरिकों को जागरूकता संबंधी जानकारी दी और सभी से साइबर सुरक्षा सड़क सुरक्षा तथा सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाया।
सरवन पुलिस की यह पहल केवल एक जागरूकता अभियान नहीं बल्कि सुरक्षित समाज स्वस्थ जीवन और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास बनकर सामने आई है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत