मंदसौर / सीतामऊ
सीतामऊ तहसील कार्यालय को वर्तमान परिसर से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच अभिभाषक संघ सीतामऊ ने इसका कड़ा विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि तहसील कार्यालय को वर्तमान स्थान से हटाया गया तो इससे आम नागरिकों, पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मांगों की अनदेखी होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
अभिभाषक संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) शिवानी गर्ग के प्रतिनिधि के रूप में नायब तहसीलदार पंकज गंगवाल को सौंपा गया। वहीं क्षेत्रीय विधायक हरदीप सिंह डंग के नाम भी ज्ञापन प्रेषित किया गया।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि संयुक्त तहसील कार्यालय को वर्तमान परिसर से हटाकर माऊखेड़ा फंटा, सुवासरा रोड स्थित निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत भवन के समीप स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अभिभाषकों का कहना है कि यह कदम "सस्ता एवं सुलभ न्याय" की अवधारणा के विपरीत है।
संघ के अनुसार वर्तमान में सिविल न्यायालय और तहसील न्यायालय एक-दूसरे के निकट स्थित हैं, जिससे पक्षकारों और अधिवक्ताओं को सुविधा मिलती है। प्रस्तावित नया स्थान सिविल न्यायालय से लगभग चार किलोमीटर दूर होने के कारण लोगों को अनावश्यक आवागमन और आर्थिक भार का सामना करना पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में सिविल न्यायालय को वर्तमान तहसील परिसर के पीछे स्थापित किया गया था। इसके अलावा करीब दो से तीन वर्ष पूर्व ही वर्तमान तहसील न्यायालय परिसर के समीप लगभग 90 लाख रुपये की लागत से नवीन अनुविभागीय कार्यालय का निर्माण कराया गया है।
अभिभाषक संघ ने सुझाव दिया कि यदि वर्तमान परिसर छोटा पड़ रहा है तो उपलब्ध भूमि पर अतिरिक्त भवनों का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही पुराने जनपद पंचायत भवन का उपयोग भी तहसील कार्यालय के लिए किया जा सकता है, क्योंकि जनपद पंचायत का नया भवन अन्य स्थान पर निर्माणाधीन है।
संघ ने शासन और प्रशासन से स्थानांतरण का निर्णय तत्काल वापस लेने तथा इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव भार्गव, सचिव योगेश जगदीश परमार, कोषाध्यक्ष पीयूष नागदा, सह सचिव के.पी. चंद्रावत, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल पांडे सहित राजकुमार पोरवाल, मनोज जगावत, गजेंद्र सिंह राठौड़, भगत सिंह चौहान, आर.के. मंडलोई, अनिल गिरोठिया, श्यामदास बैरागी, निलेश देतरिया, विजय पाटीदार, प्रमोद पाटीदार, विकास पाठक, प्रकाश श्रीमाल, एम.आर. मंसूरी, अनमोल चोरड़िया, ईश्वरलाल पाटीदार, अशोक पाटीदार समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
अभिभाषक संघ ने दो टूक कहा कि यदि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो अधिवक्ता समुदाय आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होगा।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत